
Pappu Yadav Statement: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बवाल मच गया है। जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर ऐसा विवादित बयान दिया है, जिससे राजनीतिक हलकों में तूफान आ गया है। उनका दावा है कि राजनीति में आने के लिए 70% महिलाओं को ‘बेड से होकर गुजरना पड़ता है’।
पप्पू यादव के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
‘गिद्ध दृष्टि’ और अन्य क्षेत्रों पर गंभीर आरोप
पप्पू यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों के कई नेता महिलाओं को “गिद्ध दृष्टि” से देखते हैं। उन्होंने समाज के अन्य क्षेत्रों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षकों की नजर छात्राओं पर, कॉर्पोरेट सेक्टर में लड़कियों पर और पुलिस व्यवस्था में भी महिलाओं के साथ गलत नजरिया अपनाया जाता है। उन्होंने कुछ अश्लील गानों का भी जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसे गीतों को कौन प्रमोट कर रहा है। पप्पू यादव ने पटना के हॉस्टलों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रहने वाली कुछ लड़कियों को नेताओं के पास भेजे जाने जैसी बातें एक अखबार के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आई थीं। उनका यह बयान समाज में महिला सुरक्षा के गंभीर पहलुओं को उजागर करता है। यदि ऐसे लोगों को बेनकाब करने के लिए उन्हें आवाज उठानी पड़ेगी, तो वे पीछे नहीं हटेंगे, यह बात उन्होंने जोर देकर कही।
Pappu Yadav Statement पर NCW का पलटवार
इस पूरे विवादित Pappu Yadav Statement के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पप्पू यादव को नोटिस भेजा, जिस पर उनकी प्रतिक्रिया और भी तीखी थी। उन्होंने कहा कि “जिनके खुद 10-10 फोटो वायरल हुए हैं, वे मुझसे जवाब मांग रहे हैं।” पप्पू यादव ने इस नोटिस को “रद्दी की टोकरी में फेंकने” की बात कही। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विभिन्न संगठनों द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







