Patna Crime News: बिहार के कुख्यात अपराधी भोला सिंह को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन लाख रुपये का इनामी यह बदमाश गुजरात के सूरत से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हत्थे चढ़ा है। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल से ट्रेन के माध्यम से हाथीदह स्टेशन तक लाया गया, और फिर सड़क मार्ग से पटना जिले के बाढ़ थाना लाया गया है।
वर्तमान में भोला सिंह को बाढ़ थाने में रखा गया है। बाढ़ कोर्ट खुलने के बाद आज ही उसे न्यायाधीश के सामने पेश किया जाएगा। सीबीआई ने भोला सिंह को पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले के संबंध में गिरफ्तार किया है, जिसकी जांच काफी समय से चल रही थी।
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वर्षों से फरार, कैसे गिरफ्त में आया कुख्यात भोला सिंह?
पिछले बारह वर्षों से अधिक समय से फरार चल रहा भोला सिंह पुलिस और अपने दुश्मनों से लगातार बच रहा था। वह सूरत में अपनी पहचान बदलकर ‘गौतम’ और ‘अमित शर्मा’ जैसे नामों से रह रहा था, ताकि कोई उसे पहचान न सके। उसकी फरारी ने पुलिस के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी।
भोला सिंह पर बिहार के विभिन्न पुलिस थानों में हत्या और रंगदारी सहित ग्यारह गंभीर मामले दर्ज हैं। यह बिहार का एक ऐसा कुख्यात अपराधी था जिस पर सालों से पुलिस की नजर थी। उसकी गिरफ्तारी बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
CRPF जवान से खूंखार अपराधी बनने की कहानी
अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले भोला सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक जवान था। उसने सीआरपीएफ में रहते हुए कमांडो की विशेष ट्रेनिंग भी ली थी, जिससे उसकी शारीरिक क्षमता और रणनीति बनाने की समझ काफी मजबूत थी। हालांकि, बाद में उसने अपराध का रास्ता अपना लिया।
करीब दो दशक से भी अधिक समय तक भोला सिंह अपराध जगत में सक्रिय रहा। उसका नाम बिहार के बाहुबली और पूर्व जदयू विधायक अनंत सिंह के साथ भी जुड़ा रहा है। इन दोनों के बीच दोस्ती और बाद में अदावत, दोनों ही काफी चर्चित रहे हैं, जिसने कई घटनाओं को जन्म दिया।
अनंत सिंह से संबंध और AK-47 कनेक्शन
भोला सिंह पर विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या का भी गंभीर आरोप है। यह मामला काफी समय से सुर्खियों में रहा है। वर्ष 2019 में पूर्व विधायक अनंत सिंह के पैतृक आवास पर पुलिस द्वारा छापेमारी की गई थी, जिसमें एक AK-47 राइफल बरामद हुई थी। यह छापेमारी भी भोला सिंह की हत्या की साजिश रचे जाने के इनपुट के बाद ही की गई थी, जिससे उसके अपराधों की गंभीरता और बढ़ जाती है।
इसी AK-47 बरामदगी मामले में अनंत सिंह को बाद में दस वर्ष की सजा सुनाई गई थी, जिसने बिहार की राजनीति और अपराध जगत में काफी हलचल मचा दी थी। भोला सिंह पर सरकार ने तीन लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था, जिसमें उसका भाई मुकेश सिंह भी शामिल था, जिस पर समान इनाम था।
हालांकि, भोला सिंह के भाई मुकेश ने पहले ही आत्मसमर्पण कर जमानत प्राप्त कर ली थी, लेकिन भोला लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। उसका नाम वर्ष 2021 में पंडारक पूर्वी के मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल, पंडारक थाने के एएसआई राजेश कुमार और लाल बहादुर की हत्या के मामलों में भी सामने आया था, जिससे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि और स्पष्ट होती है।
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सीबीआई और बिहार पुलिस के संयुक्त प्रयासों से इस कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उम्मीद है कि उसकी निशानदेही पर कई अन्य आपराधिक मामलों का खुलासा हो सकता है, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







