
Patna High Court Boycott: पटना हाई कोर्ट में इन दिनों सब ठीक नहीं चल रहा। वकीलों और जजों के बीच तल्खी बढ़ गई है, जिसका सीधा असर न्यायिक कार्यवाही पर पड़ने वाला है। राज्य की सबसे बड़ी अदालत के तीनों बार एसोसिएशन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 11 मई को न्यायिक कार्य से दूर रहने का ऐलान किया है।
पटना हाई कोर्ट की तीनों बार एसोसिएशनों ने शुक्रवार को एक बेहद अहम बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हाई कोर्ट के वकीलों के तीनों एसोसिएशनों की समन्वय समिति द्वारा बुलाई गई इस बैठक में न्यायाधीशों के व्यवहार पर गहरी नाराजगी जताते हुए 11 मई को न्यायिक कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। समन्वय समिति की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि हाल के दिनों में बार और बेंच के बीच दूरियां बढ़ी हैं।




क्यों हो रहा है Patna High Court Boycott?
वकीलों का आरोप है कि अदालत की कार्यवाही के दौरान कुछ न्यायाधीशों का व्यवहार ‘असम्मानजनक, अपमानजनक और अभद्र’ रहा है। इस संबंध में नोटिस में यह भी बताया गया है कि कई वरिष्ठ अधिवक्ता भी कुछ न्यायाधीशों के समक्ष पेश होने में असहज महसूस कर रहे हैं।
रजिस्ट्रार जनरल के नोटिस पर भी आपत्ति
बार एसोसिएशनों ने रजिस्ट्रार जनरल (आरजी) कार्यालय की ओर से 7 मई को जारी एक नोटिस पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। समन्वय समिति ने इस नोटिस को अधिवक्ताओं की भावनाओं के खिलाफ बताया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 11 मई को सुबह 10:30 बजे से वकील अपने पेशेवर कार्यों से पूरी तरह दूर रहेंगे।
इस महत्वपूर्ण निर्णय पर निम्नलिखित बार एसोसिएशनों के पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए हैं:
- बार एसोसिएशन
- एडवोकेट्स एसोसिएशन
- लॉयर्स एसोसिएशन
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। वकीलों के इस सामूहिक फैसले से हाई कोर्ट की न्यायिक कार्यवाही बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है, और यह Patna High Court Boycott राज्य के न्याय व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।
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