Patna Khan Sir News: राजधानी पटना में अपने अनूठे शिक्षण शैली के लिए मशहूर शिक्षक खान सर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। उनके कोचिंग सेंटर पर हुए कथित हमले और उसके बाद हुई गोलीबारी के विवाद के बीच, पुलिस को लेकर उनके बदलते बयानबाजी ने नई बहस छेड़ दी है। पहले जहां उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और सहयोग की सराहना की थी, वहीं अब अचानक उन्होंने अपने सुर बदल दिए हैं। खान सर का अब कहना है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंचने में देर कर गई, और इसी कारण उनके सुरक्षा गार्डों को आत्मरक्षा में गोलीबारी करनी पड़ी। यह विरोधाभास भरी स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है।
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पुलिस पर गंभीर आरोप: क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के बाद कथित गोलीबारी का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो फुटेज के आधार पर पटना पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए खान सर, जिनका वास्तविक नाम फैसल खान है, और उनके दो सुरक्षा गार्डों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के प्रारंभिक जांच के अनुसार, वीडियो में कोचिंग सेंटर परिसर से फायरिंग होते हुए साफ दिखाई दे रही है, जिसने इस पूरे प्रकरण को एक गंभीर आपराधिक मोड़ दे दिया है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि हमले के तुरंत बाद खान सर ने सार्वजनिक रूप से पुलिस प्रशासन की तारीफ की थी और उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया था। लेकिन अब उनका दावा है कि उस घटना के समय पुलिस समय पर सहायता के लिए नहीं पहुंच पाई थी। उन्होंने अपनी नई दलील में कहा कि जब तक पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचता, तब तक उनके सुरक्षा गार्डों को अपनी और वहां मौजूद छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूरन गोली चलाने जैसा कदम उठाना पड़ा। उनके इस बदले हुए बयान ने Khan Sir Controversy को एक नया आयाम दिया है, जिससे जनमानस में उनके बयानों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
बदले बयानों से बढ़ रही हैं मुश्किलें!
खान सर के बयानों में यह विरोधाभास पहली बार नहीं देखा गया है। कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के तुरंत बाद उन्होंने एक सनसनीखेज दावा किया था कि उनके संस्थान पर 8 से 10 राउंड फायरिंग हुई थी, जिसने मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, कुछ ही समय बाद वे अपने इस प्रारंभिक बयान से पलट गए थे। अब एक बार फिर, आत्मरक्षा में फायरिंग की नई दलील के साथ उनका ताजा बयान सामने आया है, जिससे उनके आलोचक और आम जनता लगातार सवाल उठा रही है कि आखिर एक ही घटना के संबंध में उनके दावे बार-बार क्यों बदल रहे हैं?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पटना के कदमकुआं थाने में फैसल खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी गंभीर धारा और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने पहले ही उनके दो बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इन बॉडीगार्ड्स से की गई पूछताछ और प्राप्त जानकारी के आधार पर अब पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब पुलिस खान सर की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी कर रही है, जिससे उनकी कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
आत्मरक्षा में फायरिंग की क्या थी दलील?
गोलीबारी के वीडियो पर उठे सवालों के जवाब में खान सर ने अपने सुरक्षा गार्डों के कार्यों का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा गार्डों को रखने का मूल उद्देश्य ही यही होता है कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति में लोगों और संपत्ति की रक्षा कर सकें। उन्होंने प्रतिप्रश्न करते हुए कहा कि जब तक पुलिस की टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तब तक बॉडीगार्डों को हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना चाहिए था क्या? उनके अनुसार, गार्डों ने किसी विशिष्ट व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली नहीं चलाई, बल्कि बिगड़ते हालात को नियंत्रित करने और आत्मरक्षा के मूलभूत अधिकार का प्रयोग करते हुए यह आवश्यक कदम उठाया।
खान सर का यह भी तर्क है कि पुलिस बल “उड़कर” तुरंत घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकता। ऐसी अप्रत्याशित और गंभीर आपातकालीन स्थितियों में, सुरक्षा गार्डों को त्वरित निर्णय लेने और तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता होती है। हालांकि, पुलिस प्रशासन उनके इस दावे की गहनता से पड़ताल कर रहा है कि क्या गोलीबारी वास्तव में आत्मरक्षा के तहत की गई थी, या इसके पीछे कोई अन्य मंशा थी। मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य सभी तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है, ताकि Patna Coaching Attack News की हर परत खोली जा सके।
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इस पूरे विवाद ने राजधानी पटना के शैक्षिक गलियारों और सामाजिक क्षेत्रों में एक गंभीर बहस छेड़ दी है। अपने प्रभावशाली शिक्षण और लाखों छात्रों के बीच लोकप्रियता के बावजूद, खान सर अब एक जटिल कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इस हाई-प्रोफाइल मामले में और क्या नए खुलासे होते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। मामले की संवेदनशीलता और इसमें शामिल प्रमुख व्यक्ति को देखते हुए, यह प्रकरण अभी और अधिक सुर्खियां बटोर सकता है।
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