Patna Sarkar Bangala News: बिहार की राजधानी पटना में 10 सर्कुलर रोड सरकारी बंगले को खाली करने का मामला अब और गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा बंगला खाली न करने और पुलिस बल भेजने की खुली चुनौती पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि बिहार में अब कानून का राज है, राजशाही नहीं।
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सरकारी संपत्ति किसी की निजी जागीर नहीं: भाजपा का पलटवार
भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना में आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि बिहार में लोकतंत्र चलता है न कि कोई पुरानी राजशाही या राजतंत्र। उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि राबड़ी देवी को हर हाल में सरकारी बंगला खाली करना ही होगा, क्योंकि वे सरकारी संपत्ति को अपनी कोई निजी जागीर नहीं समझ सकतीं। सरावगी ने लालू परिवार के कड़े रुख पर आपत्ति जताई और कहा कि कोई भी नेता नियमों से ऊपर नहीं हो सकता।
उनके मुताबिक, सरकारी आवास पदों के हिसाब से आवंटित किए जाते हैं। जब किसी पद की समय सीमा समाप्त हो जाती है या नया आवंटन होता है, तो पुराना घर छोड़ना एक संवैधानिक प्रक्रिया है। राबड़ी देवी को यह बात समझनी चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की संपत्ति पर किसी एक परिवार का स्थायी कब्जा नहीं रह सकता है।
Patna Sarkar Bangala News: महादलित मंत्री के हक पर क्यों रोड़ा?
भाजपा नेता संजय सरावगी ने इस पूरे विवाद को सामाजिक न्याय के एंगल से जोड़ते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने याद दिलाया कि यह बंगला अब एक महादलित समाज से आने वाले कैबिनेट मंत्री को आवंटित किया जा चुका है। सरावगी ने सवाल उठाया कि क्या महादलित समाज से आने वाले किसी मंत्री को पटना के बड़े और प्रतिष्ठित सरकारी बंगले में रहने का संवैधानिक अधिकार नहीं है?
उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी हमेशा पिछड़ों और दलितों के हित की बात करने का सिर्फ ढोंग करती है, जबकि हकीकत में वे एक दलित मंत्री को उनके हक का आवास मिलने में रोड़ा अटका रहे हैं।
अहंकार और सामंती मानसिकता का अंत
बीजेपी नेता ने राबड़ी देवी के उस बयान की भी कड़ी निंदा की जिसमें उन्होंने बल प्रयोग करने की बात कही थी। सरावगी ने कहा कि यह पूरी तरह से अहंकार और राजा-रजवाड़ों वाली सामंती मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब वह दौर बीत चुका है जब कुछ खास लोग खुद को देश के कानून से भी बड़ा समझते थे।
बिहार की वर्तमान सरकार पूरी तरह से नियम और व्यवस्था के तहत काम कर रही है। प्रशासन का जो भी विधिक फैसला है उसे हर हाल में जमीन पर लागू कराया जाएगा। इसमें किसी भी नेता के व्यक्तिगत अहंकार के लिए कोई जगह नहीं बची है और राबड़ी देवी को नए तय आवास में जाना ही पड़ेगा।
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इस बयान के बाद पटना के राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल आवास को लेकर एनडीए और आरजेडी के बीच सीधी जंग शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने स्टैंड पर कायम हैं।







