
Purnia Kanya Vivah Mandap: बिहार के पूर्णिया जिले की 26 पंचायतों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत बड़ी सौगात मिली है। इस योजना के तहत इन सभी पंचायतों में विवाह मंडप का निर्माण कराया जाएगा। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा, क्योंकि अब उन्हें शादी-ब्याह जैसे शुभ आयोजनों के लिए महंगे निजी भवनों या मैरिज हॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को कम खर्च में सम्मानजनक तरीके से विवाह आयोजन की सुविधा प्रदान करेगी। प्रत्येक मंडप में विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।




योजना का उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इससे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को कम खर्च में विवाह समारोह आयोजित करने की सुविधा मिलेगी। इन मंडपों का उपयोग केवल विवाह के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए भी किया जा सकेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि पंचायत स्तर पर विवाह मंडप बनने से शादी समारोह आयोजित करने में काफी सहूलियत होगी और परिवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा। यह ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक आयोजनों के लिए एक स्थायी और सुलभ स्थल प्रदान करेगा।
इन पंचायतों में होगा मंडप का निर्माण
पूर्णिया जिले में कुल 26 पंचायतों में विवाह मंडप बनाए जाएंगे। इनमें सर्वाधिक पांच मंडप श्रीनगर प्रखंड में बनेंगे। अन्य प्रखंडों की चयनित पंचायतों की सूची इस प्रकार है:
| प्रखंड का नाम | पंचायतों की संख्या | पंचायतों के नाम |
|---|---|---|
| कसबा | 3 | बनेली, मलहरिया, कुल्लाखास |
| केनगर | 3 | पोठिया रामपुर, झुननी इस्तंबरा, गोआसी |
| पूर्णिया पूर्व | 2 | भोगा करियात, गौरा |
| श्रीनगर | 5 | खोखा दक्षिण, खुटी धुनैली, खुट्टी हसैली, झुन्नी कला, चनका |
| बी कोठी | 3 | लतराहा, सुखसेना पश्चिम, ठाढ़ी |
| अमौर | 4 | बकेनिया बरेली, आमागाछी, बरबट्टा, विष्णुपुर |
| धमदाहा | 2 | मुगालिया पुरंदाहा पूर्व, चिकनी डुमरिया |
| भवानीपुर | 2 | लाठी, बसंतपुर चिन्तामणी |
| जलालगढ़ | 1 | दनसार |
| बायसी | 1 | गांगर |
इन मंडपों के निर्माण से ग्रामीण समुदायों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक समर्पित स्थान मिलेगा, जिससे सामुदायिक भावना और आपसी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। यह योजना निश्चित रूप से पूर्णिया के ग्रामीण अंचलों में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी।







