
लंबित मामले: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में हड़कंप मच गया है। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय कार्यवाही से जुड़े मामलों पर सख्ती दिखाते हुए लापरवाह अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। साफ कहा गया है कि अगर अब भी जवाब नहीं आया तो कार्रवाई तय है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने विभागीय कार्यालय कक्ष में निगरानी वाद से संबंधित लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि विभाग में कुल 70 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई से जुड़े मामले लंबित हैं। इनमें से 47 मामलों में संचालन पदाधिकारी (Operating Officer) द्वारा अब तक कोई जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि 23 मामलों में विभाग को जवाब प्राप्त हो चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
समीक्षा बैठक में लंबित मामले और कार्रवाई की तैयारी
मंत्री डॉ. जायसवाल ने इन सभी लंबित मामलों की गंभीरता को समझते हुए स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन 47 मामलों में अब तक जवाब अप्राप्त है, उन संबंधित संचालन पदाधिकारियों को तुरंत अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया जाए। पत्र में साफ तौर पर यह पूछा जाए कि विभागीय आदेशों की अवहेलना और जवाब देने में की गई अधिकारियों की लापरवाही के लिए उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए।
लापरवाही पर मंत्री की सीधी चेतावनी
डॉ. जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा कि विभागीय आदेशों की अनदेखी करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा रहा अंतिम अवसर है। यदि इसके बाद भी किसी भी पदाधिकारी द्वारा अधिकारियों की लापरवाही बरती जाती है और जवाब नहीं दिया जाता, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
विभागीय आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव श्री जय सिंह, अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल, अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज, उप निदेशक श्रीमती मोना झा, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणिभूषण किशोर, श्री नवाजिश अख्तर, उप सचिव श्री अरविंद कुमार, सहायक निदेशक सह जिला जन संपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी समेत कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।





