Bihar Cabinet: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर पटना में राज्यस्तरीय विकास उत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जहां सीएम सम्राट चौधरी ने प्रदेश के लिए एक नए विकास रोडमैप की घोषणा की। इस दौरान 11,464 करोड़ रुपये की कुल 2,476 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, जो राज्य के आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं को मजबूत करेंगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, उद्योग, सड़क, कृषि और निवेश जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े फैसलों का भी ऐलान किया। इस उत्सव में दोनों उपमुख्यमंत्री और कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार के अगले विकास एजेंडे की जानकारी दी।







स्वास्थ्य सेवा में बड़ी छलांग: सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
विकास उत्सव से पहले, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजवंशी नगर स्थित एलएनजेपी अस्पताल में एक महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन किया। यह 215 करोड़ रुपये की लागत से बना 400 बेड वाला ऑर्थोपेडिक एवं न्यूरो सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है। यह अत्याधुनिक अस्पताल आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर, रेडियोलॉजी विभाग, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, फिजियोथेरेपी और 24 घंटे इमरजेंसी सेवा जैसी सुविधाओं से लैस है। सरकार का मानना है कि इससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि बिहार को तेज विकास की राह पर ले जाने के लिए कार्य संस्कृति बदलनी होगी। उन्होंने कहा, ‘अब सिर्फ 10 या 12 घंटे नहीं, बल्कि 12 से 15 घंटे तक मेहनत करनी होगी ताकि बिहार देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा हो सके।’
अधिकारियों को सीएम का कड़ा संदेश: कार्यसंस्कृति बदलें
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। 15 अगस्त से जिला और अनुमंडलीय अस्पताल सामान्य मरीजों को बिना उचित कारण के रेफर नहीं कर सकेंगे। अगर किसी मरीज को अनावश्यक रूप से रेफर किया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने अधिक नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज खोलने के भी निर्देश दिए हैं।
औद्योगिक क्रांति की तैयारी: हर जिले में उद्योग और निवेश
बिहार सरकार ने हर जिले में कम-से-कम एक बड़ा उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 नवंबर तक राज्य में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के जरिए उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
- वैशाली में इलेक्ट्रॉनिक्स हब: वैशाली के राजापाकड़ में इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स हब स्थापित किया जाएगा, जिसमें 20 से 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
- गया में स्टील प्लांट: गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के तहत स्टील प्लांट विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।
- चीनी मिलों का विस्तार: सरकार ने अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। सकरी रैयाम और सासामुसा चीनी मिलों का काम इसी वर्ष शुरू होगा, जिससे गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
आधारभूत संरचना का विस्तार: मरीन ड्राइव और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं:
- पटना मरीन ड्राइव का विस्तार: पटना की मरीन ड्राइव को 200 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा। इस परियोजना में करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टोल सिर्फ व्यावसायिक उपयोग से जुड़े वाहनों और सेवाओं पर लिया जाएगा।
- नदियों के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: बागमती, बूढ़ी गंडक, नारायणी और कोसी नदियों के किनारे विकास कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इन क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के साथ औद्योगिक कॉरिडोर और आधुनिक रिवर-फेसिंग टाउनशिप विकसित करने की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों पर आधारित ‘सेवा, संकल्प और समर्पण’ नामक पुस्तिका भी जारी की गई। योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल और प्रिंट प्रचार रथों को भी रवाना किया गया। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में स्वास्थ्य, रोजगार, निवेश, उद्योग और आधारभूत संरचना पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित रहेगा, जिससे बिहार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ सके।








You must be logged in to post a comment.