Tej Pratap Yadav News: पटना में खान ग्लोबल कोचिंग संस्थान के बाहर हुई तोड़फोड़ की घटना ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मामले में अब राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने खान सर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर का ध्यान पढ़ाने से कहीं ज्यादा अपने प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों पर रहता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि एक शिक्षक की प्राथमिक जिम्मेदारी छात्रों को शिक्षा प्रदान करना होती है। उनका कहना था कि शिक्षक का काम अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए लगातार मीडिया में बने रहना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो शिक्षक वास्तव में अपने काम पर केंद्रित होते हैं, वे प्रचार से दूर रहते हैं।
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पूर्व मंत्री के अनुसार, खान सर को अपनी छवि और पहचान की अधिक चिंता है। उन्होंने खान सर को “जलनदाहा” करार देते हुए कहा कि वे अन्य शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों की सफलता से परेशान दिखाई देते हैं। तेज प्रताप यादव ने यह भी दावा किया कि खान सर की रुचि राजनीति में है और वे सार्वजनिक मुद्दों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करते रहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की घटनाओं को भी अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के जवाब में तेज प्रताप ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसा करने से ही सच्चाई सामने आ पाएगी।
खान सर पर भड़के तेज प्रताप: ‘शिक्षक का काम शिक्षा देना, प्रचार करना नहीं’
इस दौरान, तेज प्रताप यादव ने ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संस्थापक रौशन आनंद के बयान का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि रौशन आनंद जो बातें कह रहे हैं, उनमें काफी तथ्य और सच्चाई है। तेज प्रताप ने यह भी दावा किया कि कुछ कोचिंग संस्थानों के बेहतर परिणाम आने से खान सर असहज महसूस कर रहे हैं, जिसके चलते यह विवाद और बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि यह सारा विवाद मंगलवार रात पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित खान ग्लोबल कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर हुई एक घटना से शुरू हुआ। कुछ अज्ञात लोगों द्वारा कोचिंग के बाहर कथित तौर पर पथराव और तोड़फोड़ की गई थी। घटना के तुरंत बाद, खान सर ने प्रारंभिक प्रतिक्रिया में गोलीबारी की आशंका भी जताई थी।
हालांकि, पुलिस ने अब तक गोली चलने की किसी भी घटना की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बाद में खान सर ने भी कहा था कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना की वास्तविक स्थिति क्या थी।
कोचिंग विवाद और राजनीति: ‘खान सर को जलनदाहा बताया’
यह घटना सिर्फ एक कोचिंग विवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने Bihar Politics News में भी अपनी जगह बना ली है। राजनेताओं के बयानों से इस मामले को नया मोड़ मिल गया है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा यह मुद्दा अब राजनीतिक अखाड़े में पहुंच गया है। ऐसे विवाद छात्रों और शिक्षा के माहौल के लिए अच्छे नहीं होते हैं।
तेज प्रताप यादव के इन आरोपों के बाद पटना के शैक्षणिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। देखना होगा कि इस पूरे मामले में आगे और क्या मोड़ आते हैं। प्रशासन से लेकर राजनीतिक दल तक, सभी इस घटना पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।
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इस बीच, स्थानीय पुलिस ने आश्वासन दिया है कि घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि सभी पक्ष धैर्य और जिम्मेदारी से काम लें।







