
Women’s Reservation Bill: महिलाओं को संसद में 33% आरक्षण देने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया है। इस बिल को पास न करा पाने के लिए अब नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कांग्रेस और महागठबंधन पर बड़ा हमला बोला है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सासाराम में महिला आरक्षण बिल पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संसद में यह बिल पास नहीं हो सका, जिसके लिए कांग्रेस और महागठबंधन के नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। कुशवाहा ने जोर देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर महिलाओं की नाराजगी सामने आएगी और आने वाले समय में इसका जवाब भी मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष को घेरा
उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि परिसीमन का मुद्दा पहले भी उठाया गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस दिशा में कदम भी बढ़ाया था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस स्थिति से राजनीतिक संदेश भी जाएगा, जिसका असर भविष्य की राजनीति पर पड़ सकता है।
सीबीएसई के स्थानीय भाषा के फैसले का स्वागत
उपेंद्र कुशवाहा ने सीबीएसई के नए नियम पर भी अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सीबीएसई द्वारा दो स्थानीय भाषाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने के फैसले को उन्होंने स्वागत योग्य बताया। उनका कहना था कि शिक्षा में स्थानीय भाषाओं का स्थान होना अत्यंत आवश्यक है। इससे छात्रों को अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद मिलेगी।
रोहतास दौरे पर जनसंपर्क
दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा अपने दो दिवसीय दौरे पर रोहतास पहुंचे हुए हैं। इस दौरान कई स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया गया। सासाराम परिसदन में उन्होंने आम लोगों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना और कई मामलों में मौके पर ही समाधान का प्रयास भी किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







