
Stock Market: अमेरिकी टेक स्टॉक्स में भारी बिकवाली के चलते वैश्विक बाजारों में हाहाकार मच गया है। यूएस से शुरू हुई गिरावट की लहर ने एशियाई शेयर बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल है। बीते गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन लाल निशान में बंद हुए, जिसका सीधा असर शुक्रवार को एशियाई ट्रेड पर दिखा।
एशियाई बाजारों में भूचाल, US टेक्नोलॉजी स्टॉक्स के चलते भारी गिरावट में डूबा Stock Market
गुरुवार को लगातार तीसरे दिन अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर शुक्रवार की सुबह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स (HSI) सुबह करीब साढ़े दस बजे 1.13 प्रतिशत यानी लगभग 304 अंकों की भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी भी लगातार दूसरे दिन करीब 2 प्रतिशत फिसलकर 5,057 के स्तर पर आ गया। हालांकि, चीन के बाजारों में कुछ मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां शेनझेन लगभग 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि शंघाई में मामूली 0.1 प्रतिशत की तेजी देखी गई। दूसरी ओर, जापान का निक्केई 0.33 प्रतिशत यानी लगभग 175 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया।
Stock Market पर AI के बढ़ते निवेश का साया
बाजार में इस अचानक आई गिरावट की एक बड़ी वजह निवेशकों की बढ़ती चिंता को माना जा रहा है, खासकर AI Technology सेक्टर में लगातार बढ़ते निवेश को लेकर। निवेशकों के मन में यह सवाल उठने लगे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर हो रहे इस भारी-भरकम खर्च का ठोस रिटर्न आखिर कब और कैसे मिलेगा। इसी अनिश्चितता ने टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया है, जिसका असर अब वैश्विक बाजारों में फैलता दिख रहा है।
इस नकारात्मक रुझान का प्रभाव केवल शेयर बाजारों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य निवेश विकल्पों पर भी इसका असर पड़ा है। अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद जिस तरह चांदी, बिटकॉइन और अन्य जोखिम वाले एसेट्स में तेजी देखने को मिली थी, वह चमक अब फीकी पड़ती नजर आ रही है। निवेशक फिलहाल जोखिम से दूरी बनाते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं और यह दर्शाता है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बाजार में इस हलचल की एक और बड़ी वजह क्लाउड-आधारित चैटबॉट बनाने वाले AI Technology स्टार्टअप एंथ्रोपिक का हालिया ऐलान भी माना जा रहा है। कंपनी ने दावा किया है कि उसने एक ऐसा टूल विकसित किया है जो लीगल सर्विसेज और डेटा मार्केटिंग जैसे कई सॉफ्टवेयर एप्लीकेशंस का काम एक साथ कर सकता है। इस घोषणा के बाद निवेशकों के मन में यह चिंता और गहरी हो गई कि एआई टेक्नोलॉजी कई सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर नौकरियों और बिजनेस मॉडल्स को प्रभावित कर सकती है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
वैश्विक अनिश्चितता और आर्थिक आंकड़े
इससे पहले गुरुवार को वॉल स्ट्रीट के सभी प्रमुख इंडेक्स में तेज गिरावट देखने को मिली थी और टेक-हैवी नैस्डेक खासतौर पर दबाव में रहा। बीते तीन दिनों में अमेरिकी बाजारों में जो गिरावट देखने को मिली है, उसकी तुलना अप्रैल में राष्ट्रपति ट्रंप के कुछ बड़े ऐलानों के बाद बने हालात से की जा रही है, जब बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था।
इसके अलावा, कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2020 के बाद जॉब ओपनिंग्स में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं जनवरी महीने में 2009 की वैश्विक मंदी के बाद सबसे ज्यादा छंटनी की घोषणाएं कंपनियों की ओर से की गई हैं। इन तमाम कारणों ने मिलकर वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और डर का माहौल पैदा कर दिया है। यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



