Supreme Court का Big Decision | Patna High Court करेगा Bihar के पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की निगरानी|
बिहार में पुल गिरने की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
बिहार में लगातार गिरते पुलों की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। मामले की जांच की मांग करने वाली याचिका को पटना हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया है।
पटना हाई कोर्ट करेगा स्ट्रक्चरल ऑडिट की निगरानी
चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि पटना हाई कोर्ट हर महीने बिहार के पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की निगरानी कर सकता है।
यह याचिका वकील बृजेश सिंह ने दायर की थी।
याचिका में क्या मांग की गई?
बिहार के सभी छोटे-बड़े पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का आदेश।
कमजोर संरचनाओं को ध्वस्त या पुनर्निर्मित करने का निर्देश।
पुलों की सुरक्षा के लिए स्थायी समिति के गठन की मांग।
बिहार में पुल गिरने की घटनाएं
पिछले दो साल में दो बड़े पुल गिर चुके हैं, जबकि कई निर्माणाधीन पुल ढह चुके हैं।
बिहार बाढ़ प्रभावित राज्य है, जहां 73.6% भूभाग बाढ़ की चपेट में आता है।
कमजोर पुलों की वजह से यातायात बाधित होता है और सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
क्या होगा आगे?
अब पटना हाई कोर्ट पूरे मामले की निगरानी करेगा और सरकार को नियमित ऑडिट के निर्देश दे सकता है।
पुल निर्माण में गड़बड़ी की जांच होगी और जवाबदेही तय की जाएगी।
अगर हाई कोर्ट उचित समझे तो स्थायी निगरानी समिति का गठन भी कर सकता है।
बिहार में पुल गिरने की बढ़ती घटनाओं पर यह फैसला अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह राज्य की सड़क और बाढ़ सुरक्षा नीति पर असर डाल सकता है।