back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 17, 2026
spot_img

Pradosh Vrat: फाल्गुन का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें शुभ तिथि और पूजा विधि

spot_img
- Advertisement -

Pradosh Vrat: पावन प्रदोष काल में शिव आराधना का विशेष महत्व है, और हर माह की त्रयोदशी तिथि पर यह व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है, जो भक्तों को सुख-समृद्धि और आरोग्य प्रदान करता है।

- Advertisement -

Pradosh Vrat: फाल्गुन का अंतिम प्रदोष व्रत, जानें शुभ तिथि और पूजा विधि

- Advertisement -

हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर महीने दो बार प्रदोष व्रत रखा जाता है – एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में। फाल्गुन महीने का पहला प्रदोष व्रत १४ फरवरी, २०२६ को रखा गया था। अब जबकि फाल्गुन का महीना अपने अंतिम चरण में है, ऐसे में यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस माह का दूसरा और अंतिम प्रदोष व्रत कब पड़ेगा। यह प्रदोष व्रत न केवल शिव भक्तों के लिए विशेष है, बल्कि शनिवार को पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि इसे शनि प्रदोष कहा जाता है। शनि प्रदोष व्रत संतान प्राप्ति और शनि दोषों से मुक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक ऐसा दिन है जब महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  चैत्र अमावस्या 2026: पितरों की शांति और पुण्य प्राप्ति का महायोग

Pradosh Vrat का महत्व और अनुष्ठान

फाल्गुन माह का दूसरा प्रदोष व्रत शनिवार, २८ फरवरी, २०२६ को पड़ रहा है। इस दिन भगवान शिव की आराधना प्रदोष काल में की जाती है। प्रदोष काल सूर्यास्त से लगभग ४५ मिनट पहले शुरू होकर सूर्यास्त के ४५ मिनट बाद तक रहता है। इस शुभ समय में की गई शिव पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है। यह दिन उन भक्तों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है जो अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में ही करनी चाहिए।

| विवरण | समय (२८ फरवरी, २०२६) |
| :——————- | :——————– |
| फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी प्रारंभ | सुबह ०८:३५ बजे से |
| फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी समाप्त | अगले दिन सुबह ०६:२१ बजे तक |
| प्रदोष काल पूजा मुहूर्त | शाम ०६:१५ बजे से ०८:३० बजे तक |

यह भी पढ़ें:  Masik Shivratri: 17 मार्च को मासिक शिवरात्रि पर शिव कथा का आध्यात्मिक महत्व... पढ़िए...शिकारी और हिरण की पौराणिक कथा और सार

प्रदोष व्रत पूजा विधि

शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ करनी चाहिए।

* सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* पूरे दिन निराहार या फलाहार व्रत का संकल्प लें।
* प्रदोष काल में, यानी शाम के समय, पुनः स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
* भगवान शिव को समर्पित बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर का पंचामृत अर्पित करें।
* दीपक प्रज्वलित करें और धूप जलाएं।
* शिव चालीसा का पाठ करें और व्रत कथा सुनें।
* आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
* ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।

प्रदोष व्रत का महत्व

शनि प्रदोष व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति और शनि देव के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि जीवन में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं। ऐसी मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यह व्रत व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति और मानसिक संतोष प्रदान करता है।

यह भी पढ़ें:  सरहुल 2026: प्रकृति और संस्कृति का अनुपम संगम

शिव मंत्र

प्रदोष काल में इस मंत्र का जाप करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है:

> ॐ नमः शिवाय

निष्कर्ष और उपाय

प्रदोष व्रत का पालन करने से व्यक्ति को दीर्घायु, आरोग्य और धन-धान्य की प्राप्ति होती है। यह व्रत मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है और जीवन को सफल बनाता है। शनि प्रदोष के दिन काले तिल और उड़द दाल का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना और गरीबों को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/dharm-adhyatm/

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

मासिक शिवरात्रि 2026: महादेव की कृपा पाने का पवित्र पर्व

Masik Shivratri: हर मास आने वाली कृष्ण चतुर्दशी तिथि देवों के देव महादेव को...

Formula 1 रेसिंग: Pirelli क्यों है एकमात्र टायर सप्लायर?

Formula 1: क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे तेज़ रेसिंग कारों में...

The Kerala Story 2 Box Office: ‘द केरल स्टोरी 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, जानें 18वें दिन का कलेक्शन!

The Kerala Story 2 Box Office News: सिनेमाघरों में धमाल मचा रही 'द केरल...

Masik Shivratri 2026: जानिए महादेव की पूजा का शुभ समय और विधि

Masik Shivratri 2026: शिव भक्तों के लिए मासिक शिवरात्रि का पर्व अत्यंत पावन और...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें