
Chaitra Navratri Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का महापर्व है। इन नौ दिनों में प्रत्येक दिन मां के एक विशेष स्वरूप की पूजा की जाती है, जो भक्तों को अलौकिक शक्ति और आशीर्वाद प्रदान करती है।
चैत्र नवरात्रि पूजा विधि: मां चंद्रघंटा की पूजा से मिलता है अद्भुत साहस और आत्मविश्वास
मां चंद्रघंटा की चैत्र नवरात्रि पूजा विधि और उनका महत्व
चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप देवी चंद्रघंटा को समर्पित है। मां चंद्रघंटा का नाम उनके मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार के घंटे से सुशोभित होने के कारण पड़ा है। इनका स्वरूप अत्यंत शांतिपूर्ण और सौम्य है, फिर भी ये दुष्टों का संहार करने में अत्यंत क्रूर और शक्तिशाली हैं। यह देवी अपने भक्तों को भयमुक्त कर साहस और आत्मविश्वास से भर देती हैं। इनकी पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मकता का संचार होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मां चंद्रघंटा की आराधना से व्यक्ति के भीतर दिव्य शक्तित्व का जागरण होता है, जिससे वह हर चुनौती का सामना करने में सक्षम बनता है। मां चंद्रघंटा की कृपा से व्यक्ति में शांति और संयम की भावना विकसित होती है।
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मां चंद्रघंटा की पूजा विधि
- स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें।
- मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और उनके समक्ष दीपक प्रज्वलित करें।
- मां को रोली, अक्षत, सिंदूर, पुष्प, नैवेद्य (खीर, मिठाई) अर्पित करें।
- मां को लाल पुष्प और सुगंधित द्रव्य विशेष रूप से प्रिय हैं, उन्हें अर्पित करें।
- मां को शहद का भोग लगाएं।
- मां चंद्रघंटा के मंत्रों का जाप करें।
- अंत में मां चंद्रघंटा की आरती गाएं और कपूर से आरती करें।
- पूजा के बाद प्रसाद वितरण करें और स्वयं ग्रहण करें।
मां चंद्रघंटा के विशेष मंत्र
पिंडजप्रवरारूढ़ा चंडकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघंटेति विश्रुता।।
या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
मां चंद्रघंटा की आरती
जय माँ चंद्रघंटा सुख धाम।
पूर्ण कीजो मेरे काम॥
चंद्र समान तुम शीतल दाती।
चंद्र तेज किरणों में समाती॥
क्रोध शांत करने वाली।
मीठे बोल सिखाने वाली॥
मन की शान्ति देती है।
कष्टों को हर लेती है॥
सफेद रंग है तेरा प्यारा।
कमल पुष्प है साथ तुम्हारा॥
ज्ञान बढ़ाती तुम हमारी।
बुद्धि बढ़ाती तुम हमारी॥
भक्ति देती तुम हमारी।
मुक्ति देती तुम हमारी॥
दुष्टों का संहार करती।
साधु जनों की रक्षा करती॥
जय माँ चंद्रघंटा सुख धाम।
पूर्ण कीजो मेरे काम॥
निष्कर्ष एवं उपाय
मां चंद्रघंटा की विधि-पूर्वक पूजा और आरती करने से भक्त को अलौकिक सुख, शांति और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। जीवन में आने वाली हर बाधा का शमन होता है और व्यक्ति निर्भय होकर अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दिन यदि कोई भक्त सच्चे मन से मां की स्तुति करे, तो उसे सभी प्रकार के भौतिक सुखों के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति भी मिलती है। मां चंद्रघंटा की आराधना से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, मां चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए चांदी से बनी कोई वस्तु अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि चांदी चंद्रमा का प्रतीक है और मां चंद्रघंटा भी चंद्रमा से संबंधित हैं। यह उपाय आपके जीवन में शीतलता और शांति लाएगा।







