Bettiah Sports News: पश्चिम चंपारण जिले के भवानीपुर गांव के रहने वाले सारांश कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैम्पियनशिप 2026 में रिदमिक पेयर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश और अपने गृह जिले का नाम रोशन किया है। सारांश की इस असाधारण उपलब्धि से पूरे चंपारण क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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सारांश कुमार ने गुजरात के अहमदाबाद में 4 से 8 जून तक आयोजित हुई इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लिया। उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए रिदमिक पेयर श्रेणी में शानदार प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उनकी यह जीत केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि पश्चिम चंपारण और पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण है।
गरीबी से निकलकर विश्व मंच तक का सफर
योगापट्टी अंचल के भवानीपुर गांव निवासी सारांश कुमार एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता जितेंद्र राम मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता रुना देवी एक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, सारांश ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
वर्तमान में, सारांश बेतिया के लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र हैं। एक मजदूर परिवार से निकलकर विश्व स्तर की प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण का प्रमाण है। उनकी यह कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, यह दिखाती है कि अगर हौसला हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
भारतीय जोड़ी ने रिदमिक पेयर में रचा इतिहास
सारांश कुमार के प्रशिक्षक और योगासन स्पोर्ट्स एकेडमी के संचालक पवन कुमार चौधरी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि सारांश ने भारतीय टीम के सदस्य के रूप में तमिलनाडु के खिलाड़ी सर्वेश के साथ मिलकर रिदमिक पेयर स्पर्धा में भाग लिया। दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल और उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने निर्णायकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इस जोड़ी ने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस चैम्पियनशिप में विश्व के 78 देशों के 500 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। भारतीय दल ने कुल 114 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया, जिसमें 102 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल थे। यह एक बड़ी उपलब्धि है और देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह जीत न केवल सारांश के व्यक्तिगत कौशल को दर्शाती है, बल्कि भारत में योग और योगासन के बढ़ते महत्व को भी उजागर करती है। Bihar Yogasana News के क्षेत्र में सारांश की यह सफलता पूरे राज्य को गौरवान्वित करती है।
सारांश की सफलता से मिली नई प्रेरणा
सारांश की इस उपलब्धि के बाद उनके स्कूल, लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल और योगासन स्पोर्ट्स एकेडमी में जश्न का माहौल है। शिक्षकों, सहपाठियों और परिवारजनों ने उन्हें बधाई दी है। प्रशिक्षक पवन कुमार चौधरी ने कहा कि सारांश की यह सफलता उनके समर्पण, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का फल है।
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में सारांश और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। मजदूर परिवार के इस होनहार बेटे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी पहचान या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उनकी यह प्रेरणादायक कहानी अनगिनत लोगों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
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यह उपलब्धि पश्चिम चंपारण के युवाओं के लिए एक मिसाल कायम करती है। सारांश कुमार की सफलता केवल एक खेल प्रतियोगिता की जीत नहीं है, बल्कि यह दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की एक सशक्त कहानी है, जो हर बाधा को पार कर जीत हासिल करने का संदेश देती है।







