
आरा (ARRAH) से इस वक्त की बड़ी खबर है। यहां, एक प्रोफ़ेसर दंपती की अपराधियों ने भाजपा के बड़े नेता और विधानसभा चुनाव में काराकाट से पार्टी के प्रत्याशी रह चुके रिटायर्ड प्रोफेसर नवादा थाना क्षेत्र के कतीरा स्थित वीर कुंवर सिंह कॉलोनी निवासी स्व. रामबालक सिंह के 67 वर्षीय पुत्र डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह एवं उनकी 65 वर्षीया पत्नी पुष्पा सिंह की बेरहमी से किसी तेज नुकीली चीच से मारकर हत्या कर दी गई।
दोनों के शव आवास में पड़े मिले हैं। अपराधियों ने घर में घुसकर खूनी खेल खेला जहां खून से लथपथ हालत में दोनों की लाश बरामद की गई है। हत्या की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, हत्या जिला मुख्यालय आरा शहर के नवादा थाना क्षेत्र के कतीरा मोहल्ले में हुई है। इस घटना के बाद आरा एसपी प्रमोद कुमार ने इसकी जांच को लेकर पटना से एफएसएल की टीम भी बुलाई है। इसके कारण कमरे में एवं जिस मकान में घटना घटित हुई है उसे सील कर दिया गया है।
धारदार हथियार से प्रोफ़ेसर दंपती की निर्मम हत्या की खबर सुनते ही मौके पर भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार, एएसपी हिमांशु,नवादा थाना के प्रभारी इंचार्ज सुरेश रविदास,टाउन थानाध्यक्ष संजीव कुमार एवं डीआईओ प्रभारी शंभू कुमार भगत सहित कई पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गए हैं।
जानकारी के अनुसार, डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी थे। बीते विधानसभा चुनाव में रोहतास के काराकाट विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी भी बनाया गया था। दोनों दंपती प्रोफेसर रह चुके हैं। डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से प्रोफेसर के पद से रिटायर हुए थे। उनकी पत्नी पुष्पा सिंह आरा के महिला कॉलेज से प्रोफेसर के पद से रिटायर हुई थी। इन्हें सिर्फ तीन लड़कियां रक्षिता सिंह,अर्शिता सिंह एवं अंकिता सिंह सिंह है हैं जो शादीशुदा हैं। वह तीनों बाहर रहती हैं। दोनों दंपत्ति अपने अपार्टमेंट से मिले किराए के पैसे से अपना भरण-पोषण करते थे।
मौके पर पहुंची पुलिस सूत्रों ने बताया कि कमरे की दीवारों पर मिले खून के धब्बों से लगता है कि अपराधियों की वारदात के समय जब उन्हें मार रहे थे, तब उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की थी। बहुत ही तड़पा-तड़पाकर अपराधियों ने दोनों की निर्मम हत्या की है। पुलिस ने दोनों दंपती की लाश करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।






