Gold Silver Price: देश में सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब दाम धड़ाम हो गए हैं। मंगलवार को भी कीमतों में भारी कटौती दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता और उत्सुकता दोनों बनी हुई है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार को चांदी की कीमत में 4,750 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई है। इस गिरावट के साथ चांदी अब 2.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। वहीं, 24 कैरेट सोने की 10 ग्राम की कीमत में भी 1,135 रुपये की कमी दर्ज की गई, जिसके बाद यह 1.58 लाख रुपये पर पहुंच गया है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से इतना टूटा Gold Silver Price
सोने की कीमतें साल 2026 की शुरुआत में तेजी से बढ़ी थीं, लेकिन वैश्विक बाजार में बदलाव और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के चलते अब इसमें गिरावट आ रही है। बाजार के आंकड़ों पर एक नजर:
- 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
- 29 जनवरी 2026 को यह 1.76 लाख रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
- अब सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से लगभग 18,000 रुपये तक नीचे आ चुकी हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट साल की शुरुआत में हुई तेज बढ़त के बाद आई है।
चांदी में आई रिकॉर्ड तोड़ गिरावट, इतनी गिरी कीमतें
सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में और भी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। IBJA के आंकड़ों के अनुसार:
- 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।
- 29 जनवरी 2026 को यह 3.86 लाख रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।
- पिछले 117 दिनों में चांदी की कीमतें लगभग 1.20 लाख रुपये तक गिर चुकी हैं।
यह तेज गिरावट चांदी को हाल के महीनों में सबसे अस्थिर बुलियन संपत्तियों में से एक बनाती है।
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
परंपरागत रूप से, भू-राजनीतिक संघर्ष और अनिश्चितता की अवधि में सोने और चांदी की कीमतें बढ़ती हैं। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा स्थिति अलग तरह से विकसित हुई है क्योंकि निवेशक तरलता (liquidity) और नकदी संरक्षण (cash preservation) को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार जानकारों के मुताबिक:
- मध्य पूर्व में तनाव से जुड़ी अनिश्चितता के बीच निवेशक नकदी भंडार बनाए रखने के लिए बुलियन होल्डिंग्स बेच रहे हैं।
- कई बड़े निवेशकों ने जनवरी में कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली शुरू कर दी थी।
- बिक्री के दबाव में वृद्धि से बाजार में आपूर्ति बढ़ी है, जिससे कीमतों में गिरावट आई है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और आक्रामक मुनाफावसूली के संयोजन ने बुलियन बाजारों में मौजूदा गिरावट को ट्रिगर किया है, जिससे Gold Silver Price प्रभावित हुए हैं। सर्राफा बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
बुलियन व्यापारियों का कहना है कि भविष्य में कीमतों की चाल काफी हद तक इन कारकों पर निर्भर करेगी:
- भू-राजनीतिक घटनाक्रम
- अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी बाजार
- निवेशक भावना
- मुद्रा में उतार-चढ़ाव
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हालिया गिरावट के बावजूद, सोने और चांदी की कीमतें पिछले साल के अंत में दर्ज किए गए स्तरों की तुलना में काफी अधिक हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







