
महंगाई पूरे देश में है। हर दिन हर चीज की दाम बढ़ रही है। समस्या हो गया है कि सही में दुकानदार सही दाम ले रहा है या सचमुच सामान के दाम बढ़ गए हैं। मगर, इस नए साल में बिहार सरकार बिजली उपभोक्ताओं को चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण जोरों का झटका देने जा रही है। बिजली कंपनियों ने फिक्स चार्ज में बड़ा बदलाव लेने का फैसला ले लिया है।
इसका सीधा असर ग्रामीण और शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई बिजली दर की मार झेलनी पड़ सकती है। इसे लेकर अब विद्युत विनियामक आयोग आगामी 20 जनवरी से सुनवाई करेगा। इस जनसुनवाई में कोई भी आम उपभोक्ता अपना पक्ष आयोग के सामने रख सकता है।
आयोग इस मार्च के अंत तक अपना फैसला सुनाएगा। ये फैसला 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक लागू कर दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक बिजली उपभोक्ताओं को पहले से तय कीमतों पर सब्सिडी मिल रही है।
बिजली कंपनियों की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली कीमतों में 2.56 रुपये से लेकर 3.40 रुपए तक प्रति यूनिट बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। जानकारी के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ड में डबल और शहरी उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ड में डबल से भी ज्यादा बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। इस प्रस्ताव पर 20 जनवरी से बहस शुरू होगी।
बिजली कंपनी ने घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली कीमतों में 2.56 रुपए से लेकर 3.40 रुपए तक प्रतियूनिट वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ज में दोगुना और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के फिक्स चार्ज में ढाई गुना इजाफे का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव पर 20 जनवरी से जनसुनवाई शुरू हो रही है। 20 को बाल्मिकीनगर, 24 को कैमूर, 27 को भागलपुर, 1 फरवरी को अरवल, 10 को पूर्णिया और 17 पटना में आयोग जन सुनवाई करेगा।
इस दौरान आयोग के अध्यक्ष और सदस्य उपभोक्ताओं के पक्ष के साथ साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अधिकारियों का पक्ष सुनेंगे। उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी का पक्ष सुनने के बाद फैसला रिजर्व होगा। इस मार्च तक अपना फैसला आयोग सुनाएगा। यह फैसला 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक लागू होगा।
इस जन सुनवाई में आयोग के अधिकारियों के अलावा उपभोक्ताओं की ओर से साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अधिकारियों का पक्ष सुना जाएगा। उसके बाद बिजली कंपनी का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया जाएगा।
बिजली दरों में इजाफे के प्रस्ताव पर अब विद्युत विनियामक आयोग 20 जनवरी से सुनवाई शुरू करने जा रहा है। इस जनसुनवाई में कोई भी व्यक्ति अपना पक्ष आयोग के सामने रख सकता है।







