
तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों से हिंसा के मामले पर बिहार विधानसभा में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन हंगामा हुआ। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी दल बीजेपी ने यह मुद्दा उठाया और सरकार से जवाब मांगा।
नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि तमिलनाडु में हुए हिंसक हमलों में 12 मजदूरों की मौत हो चुकी है। नीतीश सरकार वहां स्पेशल टीम भेजकर सभी को सुरक्षित लेकर आए। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने सदन में सरकार का पक्ष रखा।
बीजेपी विधायकों ने सदन में नारेबाजी और हंगामा करते हुए शुक्रवार को तमिलनाडु में हिंदी भाषी मजदूरों पर हमले का मुद्दा उठाया। विपक्षी सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान कुर्सियां उठाकर तख्तियां लहराईं। इसके बाद स्पीकर अवध बिहारी चौधरी ने संसदीय कार्य मंत्री को हंगामा करने वाले सदस्यों पर कार्रवाई करने के लिए कहा।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि उन्हें कल रात लखीसराय के रहने वाले चंदन कुमार शख्स ने ने फोन किया और बताया कि वे लोग तमिलनाडु में अपने घर में कैद हैं। उन्हें बचा लीजिए।
विजय सिन्हा ने कहा कि नीतीश सरकार एक विशेष टीम वहां भेजे और सबको वहां से सुरक्षित लेकर आए। 12 से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। वहां के डीजीपी गलत बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव केक काटने वहां गए थे, उनका भी बयान आना चाहिए। सिन्हा ने हिंसा का वीडियो भी अपने मोबाइल से सदन में दिखाया।
इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि यह मुद्दा कल से ही दोनों सदनों में आ रहा है। सरकार ने इसे संज्ञान में लिया है और वहां के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी। मगर वहां के डीजीपी ऐसी घटना से इनकार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर वो घटना सही है तो उसका प्रमाण स्पष्ट होते हैं तो उसमें बिहार सरकार कार्रवाई करेगी। इन्होंने बताया कि लखीसराय का कोई शख्स इनसे संपर्क किया है। हम सभी सदस्यों से निवेदन है कि अगर उनके संपर्क में कोई ऐसा आदमी है, जो फंसा है तो उसका नाम, पता दें और सरकार उस आदमी को खोजकर उसे वापस लाने की व्यवस्था करेगी।







