पटना में टीईटी परीक्षा पास किए छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला गरमाता जा रहा है। नौकरी की मांग कर रहे छात्रों पर प्रदर्शन के दौरान पटना के एडीएम की ओर से खुद लाठीचार्ज का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एडीएम डंडे से जिस छात्र की पिटाई कर रहे हैं वह फोटो और वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक युवक हाथ में तिरंगा लेकर नौकरी की मांग कर रहा है जिसे पटना के एडीएम खुद लाठियों से पीठ रहे हैं।
यह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का बाद सरकार भी एक्शन में आ गई है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एडीएम की ओर से तिरंगे के अपमान और अभ्यर्थी की पिटाई को दु:खद बताया है। तेजस्वी यादव ने पूरे मामले की जांच की बात कही है।
तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा है कि मैंने पटना के जिलाधिकारी से फोन पर की है। तेजस्वी ने बताया कि पटना के डीएम ने सेंट्रल एसपी और डीडीसी के नेतृत्व में एक जांच कमिटी गठित की है। यह कमेटी इस बात की जांच करेगी कि आखिर ऐसी कौन की नौबत आ गई थी कि एडीएम को खुद लाठियां चलानी पड़ी। तेजस्वी यादव ने कहा है कि दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। दो दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।
वहीं तेजस्वी ने विद्यार्थियों को धैर्य रखने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हम काम कर रहे हैं। हमारी रोजगार और नौकरी को लेकर ही लड़ाई है। हमने 15 अगस्त को ऐलान किया था कि 10 लाख नौकरी देंगे। इसके अलावा भी रोजगार के साधन उपलब्ध कराएंगे। हम 20 लाख लोगों को रोजगार देंगे। हमें थोड़ा समय दें।
इधर, बीजेपी ने सरकार और व्यवस्था पर जमकर कटाक्ष करते हुए बिहार बीजेपी ने ट्वीट किया है। वहीं, वीडियो में प्रदर्शनकारी को पीटने वाले अधिकारी का नाम ADM (एडिशनल डिप्टी मजिस्ट्रेट) बताया गया है, जिनका नाम केके सिंह है। प्रदर्शनकारी को पीटने का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिस पर बीजेपी ने बिहार सरकार को घेरने की कोशिश भी की। वहीं, अब वीडियो को लेकर पटना डीएम डॉ. चंद्रेशेखर सिंह ने नगर पुलिस अधीक्षक मध्य पटना और उप विकास आयुक्त पटना को वीडियो की जांच करने का पत्र जारी किया है। डीएम ने वीडियो की जांच रिपोर्ट दो दिन में पेश करने की बात कही है. जिससे जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई जल्द की जा सके। तेजस्वी के इस त्वरित कार्रवाई से इतना तो तय है कि सरकार एक्शन में है और पूरे मामले को गंभीरता से और तत्काल लिया गया है।


















