
Rohtas Meat Incident: बिहार के रोहतास जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राजपुर प्रखंड के एक सरकारी स्कूल से लगभग 10 किलो संदिग्ध मांस मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। इस सनसनीखेज Rohtas Meat Incident ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच शिक्षकों को हिरासत में ले लिया।
उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय रामडीह में यह आपत्तिजनक घटना सामने आई है। ग्रामीणों को पहले से ही संदेह था कि स्कूल में मांस बनाया और खाया जाता है। आरोप तो यह भी है कि यह भोजन कुछ छात्रों को भी परोसा जाता था। जब ग्रामीणों ने देखा कि स्कूल में फिर से मांस लाया गया है, तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर जांच की। स्कूल की अलमारी खोलने पर उसमें से करीब 10 किलो संदिग्ध मांस बरामद हुआ। इस खुलासे के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग स्कूल परिसर में जमा हो गए।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और Rohtas Meat Incident पर शिकंजा
इस Rohtas Meat Incident की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी उदिता सिंह और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार दल-बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और दो महिला शिक्षिकाओं सहित कुल पांच शिक्षकों को हिरासत में ले लिया। सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मांस कहां से आया और इसका उद्देश्य क्या था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। एसपी रौशन कुमार ने बताया कि बरामद संदिग्ध मांस को जब्त कर लिया गया है और उसकी जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है। FSL रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि यह किस प्रकार का मांस है और क्या इससे किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।
ग्रामीणों में आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि स्कूल जैसे शैक्षणिक और पवित्र स्थान पर ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। वे दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक का नाम अफजाल अंसारी बताया जा रहा है। इस स्कूल में विभिन्न समुदायों के बच्चे पढ़ते हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है। प्रशासन इस स्थिति को बेहद सावधानी से संभाल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हर पहलू से जांच में जुटा है और सभी आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







