
जेल सुधार: मधुबनी मंडल कारा में अब सिर्फ सजा नहीं, बल्कि संवारने की बात हो रही है। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार के साथ बंदियों के बीच पहुंचकर न सिर्फ उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि जेल को ‘सुधार गृह’ बनाने की दिशा में कई अहम पहल की घोषणा भी की। उनका उद्देश्य न्याय के साथ-साथ मानवीय अधिकारों की रक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करना है।मधुबनी: जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने मंडल कारा, मधुबनी में आयोजित बंदी दरबार में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने सभी मामलों के शीघ्र और प्रभावी समाधान का आश्वासन दिया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ न्याय सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि बंदियों के मानवीय अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
निरीक्षण और कौशल विकास के प्रयास
बंदी दरबार के बाद जिलाधिकारी ने मंडल कारा के विभिन्न हिस्सों का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें महिला वार्ड, सामान्य वार्ड, पुस्तकालय, पाकशाला और अस्पताल शामिल थे। उन्होंने व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महिला वार्ड के निरीक्षण के दौरान यह देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि महिला बंदियों को सेनेटरी पैड बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कौशल विकास प्रशिक्षण बंदियों की आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह, कारा पुस्तकालय में पुरुष बंदियों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा था, जिसे उन्होंने एक अभिनव और प्रेरणादायी कौशल विकास प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ते हैं और भविष्य में आजीविका के नए अवसर प्रदान करते हैं।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सुरक्षा व्यवस्था और मरम्मत के निर्देश
निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिए गए कि आवश्यकतानुसार वार्डों और अन्य भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि कारा परिसर स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहे। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए कारा की परिधि दीवार (परिमिटर वॉल) की ऊँचाई बढ़ाने और उस पर कंटीले तार लगाने का भी निर्देश दिया गया, जिससे सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सके। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन झा, विशेष कार्य पदाधिकारी नितेश कुमार पाठक, जेल अधीक्षक समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जिला पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि हमारा लक्ष्य कारा को केवल बंदीगृह नहीं, बल्कि प्रभावी जेल सुधार का केंद्र बनाना है, जहाँ से बंदी समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक रूप से पुनः स्थापित हो सकें।







