
साल नया है। नीतीश कैबिनेट का अंदाज नया है। इस साल की पहली कैबिनेट की बैठक में सत्रह एजेंडों पर मुहर लगाई लग गई। वह भी तब जब सीएम नीतीश कुमार समाधान यात्रा पर निकलने वाले हैं। कैबिनेट ने आज विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अवसान पर भी मुहर लगा दी है। मौजूदा विधानसभा के सप्तम सत्र और विधान परिषद के 102 में सत्र के अवसर पर मंत्रिपरिषद ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
समाधान यात्रा 4 जनवरी से शुरू हो रही है। यात्रा का पहला पड़ाव वाल्मीकिनगर होगा। 7 फरवरी तक नीतीश कुमार पूरे बिहार में घूमेंगे। इससे पहले भी नीतीश कुमार 13 यात्राएं कर चुके हैं।
यात्रा में होंगे तीन कार्यक्रम
- योजना से संबंधित क्षेत्र भ्रमण
- चिन्हित समूहों के साथ बैठक
- जिलास्तरीय समीक्षा बैठक
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी। नए साल में बुलाई गई कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी। मंत्रिपरिषद की मीटिंग में कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगी है। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सजा वार बंदिय़ों को विशेष परिहार का लाभ देकर कारा मुक्त करने की स्वीकृति दी गई है।
कक्षा 1 से 10 तक पढ़ाई कर रहे हैं पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 1.25 लाख छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के संचालन शिक्षा विभाग के माध्यम से कराने की स्वीकृति मिली है। राज्य के नगर निगम क्षेत्र में नगर पालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली-2022 के प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई है। इसके फलस्वरूप नगर निकाय क्षेत्रों में विज्ञापन का प्रदर्शन को विनियमित किया जा सकेगा। ट्रैफिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। शहर के सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा नगरपालिका के राजस्व का दायरा बढ़ेगा।
राज्य परिहार पर्षद 26 जनवरी एवं 15 अगस्त के अवसर पर चिन्हित सजावार बंदियों को विशेष परिहार का लाभ देकर रिहा करने के प्रस्ताव पर सहमति देती है। विशेष परिहार का लाभ प्राप्त करने वाले सजावार बंदियों की रिहाई, निर्धारित योग्यता एवं योग्यता के आधार पर किया जाएगा। सप्तदश बिहार विधानसभा के सप्तम सत्र तथा विधान परिषद के 202 वें सत्र की समाप्ति पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली है।
बिहार के 13 जिलों में जैविक कॉरिडोर के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 से 24-25 तक 3 वर्षों के लिए कुल 104 करोड़ 36 लाख की योजना की स्वीकृति दी गई है, एवं चालू वित्तीय वर्ष में 41 करोड़ ₹92 लाख की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है। ग्रामीण कार्य विभाग के तहत 38 जिलों के लिए 1467 किलोमीटर अन्य ग्रामीण पथों को सम्मिलित करने के लिए राज्य सरकार की सहमति मिली है। पढ़िए पूरी खबर
साथ ही साथ पश्चिम चंपारण जिले के अंदर समेकित थरूहट विकास योजना के तहत प्रस्तावित योजनाओं पर खर्च के लिए 29 करोड़ 28 लाख पैंतीस हजार रुपए से ज्यादा की राशि को मंजूरी दी गई है। कृषि विभाग के तहत जैविक कॉरिडोर योजना के तहत 13 जिलों में जैविक खेती के बढ़ावा देने के लिए कुल 104 करोड़ 36 लाख से ज्यादा की राशि को मंजूरी दी गई है। बिहार रुरल रोड प्रोजेक्ट के तहत मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना पर खर्च के लिए भी सरकार ने प्रस्ताव पर मुहर लगाई है।
थरूहट विकास योजना के तहत 29 करोड़ 28 लाख ₹35000 की अनुदान की स्वीकृति दी गई है. इस राशि से थारू जनजाति के व्यक्तियों को आर्थिक विकास के साथ-साथ थारू क्षेत्र के आधारभूत संरचनाओं का विकास होगा।कक्षा 1 से 10 तक पढ़ाई कर रहे हैं पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 1.25 लाख छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के संचालन शिक्षा विभाग के माध्यम से कराने की स्वीकृति मिली है।
राज्य के नगर निगम क्षेत्र में नगर पालिका क्षेत्र विज्ञापन नियमावली-2022 के प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई है। इसके फलस्वरूप नगर निकाय क्षेत्रों में विज्ञापन का प्रदर्शन को विनियमित किया जा सकेगा। ट्रैफिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। शहर के सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा नगरपालिका के राजस्व का दायरा बढ़ेगा।
राज्य परिहार पर्षद 26 जनवरी एवं 15 अगस्त के अवसर पर चिन्हित सजावार बंदियों को विशेष परिहार का लाभ देकर रिहा करने के प्रस्ताव पर सहमति देती है। विशेष परिहार का लाभ प्राप्त करने वाले सजावार बंदियों की रिहाई, निर्धारित योग्यता एवं योग्यता के आधार पर किया जाएगा। सप्तदश बिहार विधानसभा के सप्तम सत्र तथा विधान परिषद के 202 वें सत्र की समाप्ति पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिली है।
बिहार के 13 जिलों में जैविक कॉरिडोर के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 से 24-25 तक 3 वर्षों के लिए कुल 104 करोड़ 36 लाख की योजना की स्वीकृति दी गई है। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में 41 करोड़ ₹92 लाख की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है। ग्रामीण कार्य विभाग के तहत 38 जिलों के लिए 1467 किलोमीटर अन्य ग्रामीण पथों को सम्मिलित करने के लिए राज्य सरकार की सहमति मिली है।
निगरानी विभाग के कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार ठाकुर को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद अगले दो वर्षों तक नियोजित करने की स्वीकृति मिली है। औद्योगिक क्षेत्र विकास के तहत 416 करोड़ 55 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति एवं 195 करोड़ 71 लाख की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है। सामान्य चावल के स्थान पर फोर्टिफाइड चावल आपूर्ति करने के लिए भारत सरकार से मान्यता प्राप्त आपूर्तिकर्ताओं से एसएफसी की ओर से निर्धारित दर पर फोर्टीफाइड चावल कर्नल प्राप्त कर फोर्टिफाइड चावल चावल तैयार कराने की स्वीकृति दी गई है।
पटना जिले के बाढ़ मसौढ़ी, पालीगंज एवं दानापुर अनुमंडल को मद्ध निषेद, उत्पाद क्षेत्र के रूप में सृजित करते हुए प्रत्येक नवसृजित कार्यालय की स्थापना के लिए कुल 136 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। तारामंडल विज्ञान संग्रहालय दरभंगा के संचालन के लिए 12 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। राजकीय पॉलिटेक्निक भागलपुर के लिए 29 शैक्षणिक, 31 तकनीकी 16 गैर शैक्षणिक यानि कुल 76 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।







