
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ‘मुफ्त रेवड़ियों’ को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते कहा है कि केंद्र सरकार को अगर इतनी ही दिक्कत है तो उन्हें पहले मंत्रियों और सांसदों को मिलने वाली मुफ्त रेवड़ियों को बंद करना चाहिए ना कि आम जनता का।
‘साड्डा पंजाब’ कॉन्क्लेव में उन्होंने कहा कि ‘साड्डा कुत्ता कुत्ता, त्वाडा कुत्ता टॉमी’इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा अगर आप मुफ्त की रेवड़ियों की बात करते हैं तो सबसे पहले सांसदों (MP’s) को मिलने वाली मुफ्त की सुविधाओं पर बैन लगाओ।
राघव ने आगे कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने बीते सात सालों में दिल्ली की जनता को मुफ्त में बिजली-पानी, और बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के बाद भी राज्य के बजट को कई गुणा बढ़ाकर दिखाया है। इससे ये तो साफ होता है कि सरकार अगर चाहे तो वो जनता को बुनियादी सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध करवा सकती है।
कहा कि उनकी पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात में 50 किलोमीटर पैदल चलने” के लिए मजबूर किया। चड्ढा ने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से बार-बार लिखित रूप से यह घोषणा करने का बचाव किया कि उनकी पार्टी राज्य में सरकार बनाएगी, इसे अभियान की रणनीति बताया। उन्होंने बंगाल चुनाव के दौरान गृहमंत्री अमित शाह के भी बार-बार लिखकर देने की बात को याद दिलाते हुए कहा वहां क्या हुआ था बीजेपी को चुनाव हारना पड़ा था न।
राघव चड्ढा ने कहा कि आज हर मंत्री को 3 से 4 हजार यूनिट तक मुफ्त में बिजली मिलती है. इसके अलावा उन्हें मुफ्त हवाई यात्रा और यहां तक की पेट्रोल के पैसे भी मिलते हैं। जब बीजेपी इन नेताओं को ये सब मुफ्त में देती है तो उन्हें ये मुफ्त रेवड़ियां नहीं लगती हैं।
वही, आम आदमी पार्टी अगर आम जनता को 300 यूनिट बिजली फ्री दे, मुफ्त में पानी दे और बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध कराए तो ये सब इन्हें मुफ्त की रेवड़ी लगने लगती हैं। मैं आज बीजेपी को चुनौती देता हूं कि वो पहले मंत्री और सांसदों को मिलने वाली मुफ्त की रेवड़ी को बंद करें।







