
Telegram Piracy: कल्पना कीजिए एक ऐसे डिजिटल बाज़ार की जहाँ हर सिनेमाई नगीना और वेब सीरीज़ की हिट धड़ल्ले से उपलब्ध है, लेकिन बिक्री के लिए नहीं – बल्कि अवैध रूप से मुफ्त में बांटी जा रही है। इस डिजिटल लूट-खसोट पर अब नियामक की नज़र पड़ी है, और वह सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं।
Telegram Piracy पर सरकार का कड़ा रुख
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को सख्त नोटिस जारी कर उसके मंच से पायरेटेड फिल्में और ओटीटी कंटेंट तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। यह बड़ी कार्रवाई स्ट्रीमिंग सेवाओं की लगातार मिल रही कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायतों के बाद की गई है, जिनमें बड़ी कंपनियाँ शामिल हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कुल 3,142 टेलीग्राम चैनलों पर फिल्मों और ओटीटी शो सहित अवैध सामग्री का वितरण करते हुए पाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
यह निर्देश इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अक्टूबर 2025 में सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों के बाद आया है। ये परिवर्तन, जो 15 नवंबर, 2025 से प्रभावी होंगे, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अवैध सामग्री के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। नियम 3(1)(घ) के तहत, अब मध्यस्थों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे सरकार या न्यायालय से सूचना प्राप्त होने पर गैर-कानूनी सामग्री को पारदर्शी, आनुपातिक और जवाबदेह तरीके से हटाएँ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन संशोधनों में वरिष्ठ स्तर की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने, गैर-कानूनी सामग्री की स्पष्ट पहचान करने और सरकारी निर्देशों की आवधिक समीक्षा के लिए सुरक्षा उपाय भी शामिल किए गए हैं।
OTT प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता दबाव और सरकार की सक्रियता
स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स लगातार पायरेसी के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, उनका तर्क है कि इससे उनके राजस्व और कंटेंट निर्माताओं के अधिकारों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी इस नोटिस से सरकार का स्पष्ट इरादा सामने आता है कि वह अवैध कंटेंट वितरण पर लगाम लगाएगी और ऐसे प्लेटफॉर्म्स को समय पर सामग्री हटाने के लिए जवाबदेह ठहराएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा की गई एक समीक्षा में पाया गया है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स सहित अन्य मध्यस्थों की ऑनलाइन सुरक्षा, संरक्षा और जवाबदेही बढ़ाने के लिए और अधिक सख्त उपायों की आवश्यकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। टेलीग्राम से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह चिह्नित चैनलों से पायरेटेड सामग्री को तत्काल हटाकर इस नोटिस का पूरी तरह से पालन करे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/




