



Bihar Road Accident: सुबह की ठंडी हवा और घने कोहरे की चादर ने जब अपनी पकड़ मजबूत की, तो किसे पता था कि यह किसी परिवार के लिए काल बनकर आएगी। जीवन बचाने वाले एक डॉक्टर और उनकी पत्नी की ज़िंदगी वैशाली की सड़कों पर हमेशा के लिए थम गई।
बिहार रोड एक्सीडेंट: वैशाली में कोहरे का कहर, डॉक्टर दंपति की दर्दनाक मौत
Bihar Road Accident: बिहार के वैशाली जिले में 31 जनवरी की सुबह एक ऐसा भीषण सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घने कोहरे और तेज रफ्तार का घातक मिश्रण अररिया सदर अस्पताल में सेवारत प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. जितेंद्र प्रसाद (50 वर्ष) और उनकी पत्नी (45 वर्ष) के लिए जानलेवा साबित हुआ। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह हृदय विदारक घटना सड़क सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।
बिहार रोड एक्सीडेंट: कैसे हुआ हादसा?
वैशाली जिले की यह दर्दनाक घटना तब हुई जब डॉ. जितेंद्र प्रसाद अपनी पत्नी के साथ कार से कहीं जा रहे थे। सुबह का समय था और इलाका घने कोहरे की चपेट में था। दृश्यता इतनी कम थी कि सामने से आ रहे वाहन या रास्ते का अंदाजा लगा पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार कार कोहरे के कारण नियंत्रण खो बैठी और किसी अन्य वाहन या roadside object से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे दंपति को बचने का कोई मौका नहीं मिला। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में तेज गति और कम दृश्यता ही हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। डॉ. प्रसाद और उनकी पत्नी की मौत से इलाके में शोक की लहर है।
यह वैशाली हादसा स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी त्रासदी बनकर सामने आया है। डॉ. प्रसाद अपने क्षेत्र में एक कुशल और समर्पित चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे, जिनकी सेवा भाव की लोग हमेशा प्रशंसा करते थे। उनके आकस्मिक निधन से न केवल परिवार बल्कि अररिया सदर अस्पताल और पूरे स्वास्थ्य महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
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घटनास्थल पर पसरा मातम और प्रशासनिक कार्रवाई
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घटनास्थल का नजारा दिल दहला देने वाला था। दुर्घटनाग्रस्त कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और डॉ. प्रसाद एवं उनकी पत्नी के शव उसी में फंसे हुए थे। कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच पड़ताल जारी है। सड़क सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन और लापरवाह ड्राइविंग इस तरह के हादसों की मुख्य वजह बनती है, जिस पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। यह दुखद वैशाली हादसा हर किसी के लिए एक सबक है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें, हेडलाइट्स का उपयोग करें और गति सीमा का पालन करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

