Bihar Industrial Corridor प्रोजेक्ट के तहत Bihar में आर्थिक विकास को रफ्तार देने की बड़ी तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य में आवागमन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बक्सर से भागलपुर के बीच करीब 400 किलोमीटर लंबा नया औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य के एक बड़े हिस्से की सूरत बदलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और शहरी विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
गंगा के दोनों किनारों पर बस्तियां और बुनियादी ढांचा
इस पूरी योजना के तहत गंगा नदी से गाद निकाली जाएगी और नदी के दोनों तरफ मजबूत सड़कों के साथ-साथ बांधों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, इस पूरे मार्ग पर चुनिंदा जगहों पर आधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएंगी। योजना के तहत स्थानीय नागरिकों को रिवर फेसिंग घरों का लाभ मिलने की बात कही गई है, जिससे आधुनिक शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
एनएचएआई के साथ होगा अहम समझौता
गाद के उचित उपयोग और सड़कों के निर्माण को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई के साथ औपचारिक समझौता किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 दिसंबर को यह एमओयू साइन होना है। साथ ही गंगा नदी का हवाई सर्वेक्षण भी कराया जाएगा ताकि भौगोलिक स्थिति का सटीक आकलन हो सके।
नदियां और आबादी हमारी कमजोरी नहीं हैं। बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए राज्य की गाद नीति बन चुकी है और अब राष्ट्रीय स्तर पर भी नीति की आवश्यकता है।
बाढ़ नियंत्रण और जल सुरक्षा पर जोर
गंगा जल समझौते और जल सुरक्षा से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि राज्य में कृषि सिंचाई, उद्योगों की स्थापना और पेयजल की आवश्यकताओं को सर्वोपरि रखा जाएगा। बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान और गाद के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट के जमीन पर उतरने से राज्य के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।







