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National News: बरगी डैम हादसा: जबलपुर में तेज तूफान से पलटा क्रूज़, 9 की मौत, कई लापता; सेना-SDRF का बड़ा रेस्क्यू

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बरगी डैम हादसा: मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई एक भीषण दुर्घटना ने सबको हिला दिया है। नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में तेज आंधी-तूफान के कारण पर्यटकों से भरा एक क्रूज डूब गया, जिसमें कई जिंदगियां काल के गाल में समा गईं। अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं और 9 से अधिक लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कुल 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

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हादसे का विस्तृत विवरण

गुरुवार शाम को पर्यटकों से भरा यह क्रूज बरगी डैम के किनारे से करीब 300 मीटर दूर खमरिया टापू के पास तेज आंधी-तूफान की चपेट में आ गया और अनियंत्रित होकर डूब गया। प्रशासन के अनुसार, हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 40-45 पर्यटक सवार थे। यह घटना उस वक्त हुई जब गर्मी के मौसम में लोग शाम को बरगी डैम घूमने गए थे और अचानक मौसम बिगड़ गया। यह बरगी डैम हादसा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। क्रूज के पायलट महेश, जिनके पास 10 साल का अनुभव है, ने बताया कि सुरक्षा के पूरे इंतजाम थे, लेकिन अचानक आए तूफान की वजह से क्रूज पूरी तरह अनियंत्रित हो गया और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य

इस भीषण बरगी डैम हादसा के बाद प्रशासन ने तुरंत बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शुरुआती खोज और बचाव अभियान में एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के चलते राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह होते ही युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं। भारतीय सेना भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हैदराबाद से एक विशेष टीम और हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंचने वाला है, वहीं कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम पहले ही जबलपुर पहुंच चुकी है। 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद ली जा रही है।

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मृतकों की पहचान और आगे की जांच

अब तक बरामद किए गए नौ शवों में से आठ की पहचान हो चुकी है। इन मृतकों में नीतू सोनी (43) निवासी कोतवाली, जबलपुर; सौभाग्यम अलागन (42) निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु; मधुर मैसी (62) निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली; काकुलाझी (38) निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर; रेशमा सैयद (66); शमीम नकवी (66); मरिना मैसी (39) पत्नी प्रदीप मैसी और त्रिशान मैसी (4 वर्ष) पुत्र प्रदीप मैसी शामिल हैं। एक शव की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश जब तक पूरी नहीं हो जाती, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा।

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