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राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद इदरीश अली ने भी इस पर सवाल खड़ा किया था और कहा था कि नुसरत को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार काम नहीं करना चाहिए। इसे लेकर देशभर के कट्टरपंथियों ने नुसरत पर हमला बोलना शुरू कर दिया था। इस पर तमाम रूढ़िवाद को परे धकेलते हुए नुसरत ने गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की पूजा, आरती और अर्चना की। इस बार पश्चिम बंगाल के इस्कॉन मंदिर की ओर से रथयात्रा में मुख्य अतिथि के तौर पर नुसरत जहां को आमंत्रित किया गया था, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रधान अतिथि के तौर पर आमंत्रण था।
कोलकाता, देशज टाइम्स। इस्लामिक कट्टरपंथियों को ठेंगा दिखाते हुए पश्चिम बंगाल के बसीरहाट से सांसद नुसरत जहां ने एक बार फिर सिंदूर, मेहंदी और मंगलसूत्र पहन कर अपने पति निखिल जैन के साथ रथयात्रा में हिस्सा लिया। संसद में भी उन्होंने इसी तरह के पहनावे में शपथ ली थी, जिसके बाद देवबंद के मौलवी ने उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया था।
इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए गुरुवार को नुसरत जहां अपने पति निखिल जैन के साथ रथयात्रा में पहुंची। नसरत मांग में सिंदूर लगा रखा था, हीरे का मंगलसूत्र, कानों में झुमके, हाथ में कोहनी तक मेहंदी के बीच एनजे यानी अपने पति का नाम और तांत की पारंपरिक लाल धारी वाली साड़ी पहनकर शामिल हुई। मेहंदी के बीच चूड़ी, कंगन, लहठी से भी उनका हाथ भरा हुआ था। 

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