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नई दिल्ली, देशज टाइम्स। सरकार ने मॉडल किराया कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। दरअसल मोदी सरकार मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले विवादों को कम करने के लिए ये नया कानून लाने जा रही है। इसकी चर्चा बजट भाषण में भी वित्त मंत्री ने की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए 5 जुलाई को लोक सभा में इसकी चर्चा भी की थी।
दरअसल सरकार नियमों में बदलाव कर किराए के घरों की उपलब्धता को और बढ़ाना चाहती है। सरकार ने इस ड्राफ्ट में मकान मालिक और किराएदार दोनों के हितों का ध्यान रखा है। बजट पेश करते हुए सीतारमण ने कहा था कि सरकार रेंटल हाउसिंग के लिए आदर्श किराया कानून बनाएगी।
बजट में किए गए इसी वायदे पर अमल करते हुए किराया कानून का मॉडल ड्राफ्ट केंद्र सरकार ने तैयार किया है। इस ड्राफ्ट में दो महीने का ही किराया एडवांस लेने की व्यवस्था की गई है। ड्राफ्ट के मुताबिक कोई भी मकान मालिक दो महीने से ज्यादा का किराया एडवांस के तौर पर नहीं ले सकता। इस ड्राफ्ट में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई किराएदार तय वक्त से ज्यादा किसी मकान में रहता है। ऐसे में उसे पहले दो महीने के लिए दोगुना किराया देना होगा। यदि दो महीने से ज्यादा समय तक वह रहता है तो उसे 4 गुना किराया देना होगा। 

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