मुख्य बातें: फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र पर नौकरी करने के आरोप में एक शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज, उच्च न्यायालय के निर्देश पर पटना निगरानी विभाग की टीम ने जांच के बाद दर्ज कराई है प्राथमिकी, शिक्षक पर प्रमाणपत्र में शैक्षणिक वर्ष व जन्म तिथि बदलने का है आरोप, वर्तमान में सोनई मध्य विद्यालय में कार्यरत हैं आरोपित शिक्षक
हरलाखी, मधुबनी देशज टाइम्स। खिरहर थाना पुलिस ने सोनई मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षक रामश्रेष्ठ पासवान पर बहाली के समय फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र समर्पित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।






पुलिस ने पटना निगरानी विभाग के जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। जिसके अनुसार शिक्षक ने संस्कृत शिक्षा बोर्ड के तहत वर्ष 1983 ई0 में द्वितीय श्रेणी से दसवीं उत्तीर्ण किया था।
इसके शैक्षणिक प्रमाणपत्र में शिक्षक की जन्मतिथि 22 अगस्त 1968 अंकित है। लेकिन शिक्षक ने इस जन्मतिथि को बदलकर 22 अगस्त 1978 कर दिया।
इतना ही नहीं आरोपित शिक्षक ने शैक्षणिक प्रमाणपत्र में जन्मतिथि बदल कर 11 दिसंबर 1968 करने के लिए खुद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।
याचिका के तहत उच्च न्यायालय ने 31 अगस्त 2023 को पटना निगरानी विभाग को मामले की जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश दिया। आदेश के अलोक में निगरानी विभाग ने दरभंगा संस्कृत विद्यालय एवं बेनीपट्टी उच्चैठ कॉलेज में जाकर आरोपित शिक्षक के सभी दस्तावेजों की जांच की।
इसमें शिक्षक के द्वारा संस्कृत विद्यालय एवं कॉलेज के कर्मियों के साथ मिलीभगत कर प्रमाणपत्र में जन्मतिथि व शैक्षणिक वर्ष बदलने की बात सामने आ गई। इसके बाद निगरानी विभाग ने अपना जांच प्रतिवेदन उच्च न्यायलय को समर्पित किया।
तदुपरांत न्यायालय के निर्देश पर आरोपित शिक्षक के विरुद्ध खिरहर थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दिया। थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी ने बताया कि आरोपित शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। शिक्षक को शीघ्र गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया जायेगा।







