Darbhanga Crime: बिहार के दरभंगा जिले में मोहर्रम का त्योहार खूनी संघर्ष में बदल गया। बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव में शुक्रवार की अहले सुबह अखाड़ा की बत्ती बुझाने को लेकर हुए विवाद में गोलीबारी हो गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना में पटना जिले में पदस्थापित एक सहायक दारोगा मोहम्मद मोबीन भी गोली लगने से घायल हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मोहर्रम के अखाड़ा के पास पहले हवाई फायरिंग की गई, फिर गोली चला दी गई। इस दौरान ओझौल गांव निवासी दिलीप सहनी के पुत्र सुनील सहनी ने 45 वर्षीय मोहम्मद मोबीन को पेट में गोली मार दी। इसके बाद ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर सुनील सहनी को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। सुनील सहनी अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति था, जिस पर बहादुरपुर और सीतामढ़ी जिले के पुपरी थाना में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे।
मोहर्रम मनाने गांव आए थे ASI मोबीन
घायल मोहम्मद मोबीन स्वर्गीय मोहम्मद इलियास के पुत्र हैं, जो खुद पुलिस विभाग में दारोगा थे। पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर मोहम्मद मोबीन को नौकरी मिली थी और वर्तमान में वे पटना जिला पुलिस बल में सहायक दारोगा के पद पर तैनात हैं। वे मोहर्रम पर्व मनाने के लिए अपने पैतृक गांव आए थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। उन्हें पेट में गोली लगी है और शहर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।






सदर एसडीपीओ 1 राजीव कुमार ने बताया कि सहायक दारोगा पटना जिला के पुलिस बल में तैनात हैं। वह मोहर्रम पर्व मनाने के लिए गांव आए थे। उनके पेट में एक गोली लगी है। डॉक्टर के अनुसार, वह खतरे से बाहर बताए जाते हैं। उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
पुराना विवाद और अपराधी का इतिहास
पुलिस के अनुसार, घटना स्थल से दो खोखा और खून से सना एक फरसा बरामद किया गया है, लेकिन रिवाल्वर अभी तक नहीं मिला है। सुनील सहनी के साथ आए तीन अन्य आरोपी बाइक से फरार होने में सफल रहे। बताया जाता है कि सुनील सहनी का विवादों से पुराना नाता था। उसने गांव की ही एक लड़की से दूसरे समुदाय में शादी की थी और उसे लेकर फरार हो गया था। बाद में जब लड़की को सुनील के आपराधिक प्रवृत्ति का पता चला, तो उसने रिश्ता तोड़ लिया और सीतामढ़ी के पुपरी स्थित अपनी नानी के घर रहने लगी।स्थानीय लोगों का अनुमान है कि लड़की ने दूसरी शादी कर ली थी, जिससे सुनील सहनी नाराज था। उसने पुपरी जाकर अपनी पत्नी को भी गोली मारी थी, जो पेट में लगी थी। इलाज के बाद वह ठीक हो गई थी। इस घटना से गांव में तनाव का माहौल है। सूचना मिलते ही मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी, एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी, सिटी एसपी अशोक कुमार चौधरी, एसडीपीओ 1 राजीव कुमार और बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। गांव में फिलहाल पुलिस बल कैंप कर रहा है। सुनील सहनी के पिता समेत पूरा परिवार बेगूसराय जिले के सिमरिया घाट पर जीवन यापन कर रहा है, जबकि लड़की का परिवार सीतामढ़ी जिले के पुपरी गांव में रह रहा है।








