चलती ट्रेन में बैंककर्मी की हत्या से ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं, साथ ही बिहार की कानून वयवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।मामला गया-किऊल पैसेंजर ट्रेन से जुड़ा है जहां जमुई लौट रहे बैंककर्मी पर ट्रेन में ही अपराधियों ने हमला किया और चाकू मारकर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। लखीसराय स्टेशन पर स्थानीय लोगों की मदद से ट्रेन से इलाज के लिए बैंककर्मी को सदर अस्पताल मे भर्ती करवाया जहां उसकी मौत हो गई।
जमुई, देशज टाइम्स । लखीसराय जिले के सिरारी के समीप गुरुवार को जमालपुर-गया पैसेंजर ट्रेन में अपराधियों ने चलती ट्रेन में बैंक के पीओ मिलिंद्र कुमार की चाकू मारकर हत्या की। मृतक पीओ जमुई के केनरा बैंक में कार्यरत थे।
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों व परिजनों ने लखीसराय- सिंकदरा सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। बैंककर्मी की हत्या से आक्रोशित लोगों ने लखीसराय- सिकंदरा मुख्य मार्ग को सदर अस्पताल मुख्य द्वार पर जाम कर दिया और इस घटना को पुलिस की लापरवाही करार दिया। जाम की सूचना मिलने के बाद लखीसराय के एएसपी मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाकर जाम को खत्म करवाया।
जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। लखीसराय के पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर परिजनों को समझाने बुझाने में लगे है। बैंककर्मी मूल रूप से बेतिया के रहने वाले थे और केनरा बैंक, जमुई में कार्यरत थे। वे गया में आयोजित विभागीय बैठक में भाग लेने गए थे। विभागीय बैठक में भाग लेने के बाद गया-किऊल पैसेंजर ट्रेन से वापस लौट रहे थे। कुछ यात्रियों के अनुसार शेखपुरा जिले में शेखपुरा और सिरारी स्टेशन के बीच लूटपाट के दौरान बैंककर्मी को चाकू मारा गया है। घटना के बाद अफरातफरी मच गई है।







