पटना,देशज टाइम्स। आपराधिक वारदातों को लेकर बिहार पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियां बटोर रहा था। सूबे में बढ़ते अपराध को गंभीरता से लेते हुये इस पर पूरी तरह से रोकथाम लगाने की रूपरेखा तैयार की जा रही थी। अब इस पर अमल शुरु हो गया है। पिछले चार महीनों से चल रही समीक्षा के बाद राज्य के विभिन्न जिलों के करीब 500 थानेदारों को उनके सर्विस बुक के आधार पर लाइन हाजिर कर दिया गया है। सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया था कि वैसे थानेदारों को चिन्हित करें जो कर्तव्य में लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता के लिए बदनाम रहे हों और इसके बावजूद किसी प्रकार थानेदारी कर रहें हों।
विभिन्न जिला के कप्तानों ने सूची बनायी जिनमें राज्य के 500 थानेदार लाइन हाजिर कर दिये गये। यही नहीं, पटना के सचिवालय थानेदार सहित 19 एसएचओ की कुर्सी शुक्रवार को छिन गयी। उन्हें भी लाइन हाजिर किया गया है। गृह विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सूबे में 16 डीएसपी पर अनुशासन की तलवार लटक रही है। विभाग के सूत्रों ने बताया कि तीन डीएसपी पर कार्रवाई के लिए सिफारिश कर दी गयी है। शेष 13 के कार्यों व उनके पदाधिकारियों द्वारा की गयी टिप्पणी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।








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