Ravi Pushya Yoga 2026: सनातन धर्म में अनेक ऐसे शुभ संयोग होते हैं, जिनमें किए गए कार्य सफलता और समृद्धि लाते हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्य फलदायी योग है रवि पुष्य योग। यह योग भगवान सूर्यदेव और पुष्य नक्षत्र के मिलन से निर्मित होता है, जिसका विशेष प्रभाव सभी प्रकार के मांगलिक और नवीन कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
Ravi Pushya Yoga 2026: जानें यह दिव्य योग क्यों है इतना विशेष और लाभकारी
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को ‘नक्षत्रों का राजा’ कहा जाता है। जब यह पुष्य नक्षत्र रविवार के दिन पड़ता है, तो यह ‘रवि पुष्य योग’ कहलाता है। यह योग बेहद शक्तिशाली और शुभ माना जाता है क्योंकि इसमें भगवान सूर्यदेव का तेज और पुष्य नक्षत्र की शुभता का अद्भुत संगम होता है। इस शुभ योग में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के पूर्ण होते हैं और उनमें स्थायी सफलता मिलती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह काल विशेष रूप से नई शुरुआत, संपत्ति खरीदने, वाहन खरीदने, स्वर्ण आभूषणों में निवेश करने, या किसी भी महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए श्रेष्ठ माना गया है।
Ravi Pushya Yoga 2026: महत्व और लाभ
रवि पुष्य योग का महत्व शास्त्रों में विस्तार से वर्णित है। इस दिन किए गए दान-पुण्य, पूजा-पाठ और मंत्र जाप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। यह योग दरिद्रता का नाश कर धन-धान्य में वृद्धि करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। जिन लोगों के जीवन में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति हो या किसी कार्य में बार-बार बाधाएं आ रही हों, उनके लिए इस शुभ योग में किए गए उपाय अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं। यह विद्यार्थियों के लिए शिक्षा में सफलता, व्यापारियों के लिए व्यापार में उन्नति और नौकरीपेशा लोगों के लिए तरक्की के नए द्वार खोलता है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा और श्री सूक्त का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रवि पुष्य योग में क्या करें और क्या न करें?
इस शुभ दिन पर आप नए व्यापार की शुरुआत कर सकते हैं, महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, गृह प्रवेश कर सकते हैं और सोना-चांदी जैसे बहुमूल्य धातुएं खरीद सकते हैं। आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी यह समय उत्तम है, आप ध्यान, योग और मंत्र जाप कर सकते हैं। हालांकि, इस योग में विवाह संबंधी कार्यों से बचना चाहिए, क्योंकि कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पुष्य नक्षत्र को विवाह के लिए उतना शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही, किसी भी प्रकार के ऋण लेने या देने से भी बचना चाहिए।
रवि पुष्य योग के विशेष उपाय
रवि पुष्य योग के दिन कुछ विशेष उपाय करके आप इसका अधिकतम लाभ उठा सकते हैं:
- सूर्य देव को अर्घ्य दें और ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।
- पीले वस्त्र धारण करें और गरीबों को अन्न या वस्त्र दान करें।
- घर में श्री यंत्र स्थापित करें और उसकी नियमित पूजा करें।
- गाय को हरा चारा खिलाएं।
- शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाएं, क्योंकि पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव भी हैं।
यह योग हमें अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और शुभता को आकर्षित करने का अवसर प्रदान करता है। इस दिव्य संयोग का लाभ उठाकर हम अपने जीवन को अधिक समृद्ध और सफल बना सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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