
Darbhanga News: धर्म की चादर ओढ़कर ‘अधर्म’ करने वालों का खेल अब खत्म होने को है। पुलिस के बिछाए जाल में आखिरकार चर्चित कथावाचक श्रवण दास फंस ही गए। महिला थाने की पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से शनिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, श्रवण दास शनिवार को कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थे, लेकिन एक अधिवक्ता के निधन के कारण वकील काम नहीं कर रहे थे, जिससे उनकी योजना विफल हो गई। इसी मौके का फायदा उठाते हुए पुलिस ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र की हाउसिंग कॉलोनी के एक मकान से उन्हें धर दबोचा। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
Darbhanga News: जानिए क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण से जुड़ा है। आपको बता दें कि बीते साल 3 दिसंबर, 2025 को एक पीड़िता ने महिला थाने में कथावाचक श्रवण दास पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। इस संगीन मामले में श्रवण दास के गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा पर भी सहयोग करने का आरोप है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष कुमारी मधुबाला के अनुसार, पीड़िता की माँ ने उस दिन आवेदन नहीं दिया था। बाद में, महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी के छुट्टी से लौटने पर 19 दिसंबर, 2025 को महिला थाना कांड संख्या 182/25 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने सदर एसडीपीओ राजीव कुमार के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था।
आरोपों को बताया साजिश, दी अपनी सफाई
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्रवण दास ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत बदनाम करने के लिए फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वह लक्ष्मीसागर स्थित किराए के आवास पर केवल 6 दिन ही गए थे, चार महीने नहीं। उन्होंने अपने गुरु मौनी बाबा को भी इस मामले में निर्दोष बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस मामले में कथावाचक मौनी बाबा सहित 8-10 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है, जो फिलहाल फरार चल रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी ने बताया कि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कथावाचक श्रवण दास महाराज को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे जरूरी पूछताछ पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। वहीं, मामले के एक अन्य प्रमुख आरोपी और श्रवण दास के गुरु, मौनी बाबा, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।




