Magh Gupt Navratri 2026: माघ मास की गुप्त नवरात्रि का पर्व तंत्र-मंत्र और विशिष्ट साधनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें साधक गोपनीय तरीके से शक्ति की आराधना करते हैं।
माघ गुप्त नवरात्रि 2026: सिद्धि और साधना का महापर्व
Magh Gupt Navratri 2026: कलश स्थापना और पूजन विधि
दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का यह पवित्र काल 19 जनवरी 2026, मंगलवार से आरंभ हो रहा है। इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के साथ ही माता रानी की नौ स्वरूपों और दस महाविद्याओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से उन साधकों के लिए होती है, जो सांसारिक बाधाओं से मुक्ति और आध्यात्मिक शक्तियों की प्राप्ति हेतु कठिन तपस्या में लीन होते हैं। यह वह समय है जब देवी शक्ति की कृपा सहज ही प्राप्त होती है और गुप्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के साथ-साथ काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला नामक दस महाविद्याएं पूजी जाती हैं।
गुप्त नवरात्रि पूजन विधि
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उस पर जल से भरा कलश स्थापित करें। कलश पर स्वास्तिक बनाकर मौली बांधें।
- कलश में सिक्का, सुपारी, अक्षत, लौंग का जोड़ा और दूर्वा डालें।
- कलश के मुख पर आम्र पल्लव रखकर ऊपर नारियल स्थापित करें। नारियल पर लाल चुनरी लपेट दें।
- घट स्थापना के बाद अखंड ज्योति प्रज्वलित करें।
- मां दुर्गा और दस महाविद्याओं का ध्यान करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें।
- नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और बीज मंत्रों का जप करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- नवरात्रि के नौ दिनों तक सात्विक भोजन ग्रहण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- संध्याकाल में आरती करें और प्रसाद वितरण करें।
निष्कर्ष और उपाय
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 में की गई साधनाएं त्वरित फल प्रदान करती हैं और साधक को भय, रोग और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। यह पर्व जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। इस दौरान अपनी श्रद्धा अनुसार दान-पुण्य करना भी अत्यंत शुभ फलदायी होता है। देवी पुराण के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में की गई उपासना व्यक्ति को हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें







