Bhagalpur Snake Rescue: बिहार के भागलपुर स्थित बरारी पुल घाट पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब गंगा घाट की सुरक्षा बैरिकेडिंग में एक बेहद जहरीला रसेल वाइपर सांप देखा गया। इस घटना ने घाट पर मौजूद लोगों में दहशत फैला दी, लेकिन आपदा मित्रों और एसडीआरएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस त्वरित Bhagalpur Snake Rescue ऑपरेशन ने एक संभावित बड़े खतरे को टाल दिया।
जानकारी के अनुसार, सीढ़ी घाट पर लगे बांस के बीच छिपे इस खतरनाक सांप पर सबसे पहले ग्रामीण सूरज कुमार की नजर पड़ी। उन्होंने बिना कोई जोखिम उठाए, तुरंत गंगा घाट पर तैनात आपदा मित्रों और एसडीआरएफ टीम को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही आपदा मित्र तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को भी सूचित किया।
जहरीले रसेल वाइपर को वन विभाग को सौंपा गया
आपदा मित्रों की टीम ने कुशलतापूर्वक रसेल वाइपर को रेस्क्यू किया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने सांप को अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रसेल वाइपर भारत सहित पूरे एशिया के सबसे जहरीले सांपों में से एक है।
वन विभाग की टीम के अनुसार, ‘रसेल वाइपर भारत सहित एशिया के बेहद जहरीले सांपों में शामिल है। इसके काटने से गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। समय पर चिकित्सा उपचार नहीं मिलने पर स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।’
विभाग ने आगे बताया कि रेस्क्यू किए गए सांप को अब चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण, यानी जंगल में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
जनता से अपील और आपदा मित्रों की भूमिका
गंगा घाट जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान पर जहरीले सांप के मिलने से लोगों के बीच भय का माहौल बन सकता था। हालांकि, ग्रामीण की सतर्कता और आपदा मित्रों की त्वरित कार्रवाई से सांप को सुरक्षित ढंग से हटा लिया गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। रेस्क्यू अभियान के दौरान आपदा मित्र तुलसी यादव, नीतीश कुमार, दिलीप यादव, आबिद कुमार, मोहम्मद मुस्तकीम और सुशील यादव सहित एसडीआरएफ की टीम मौजूद रही।
रेस्क्यू टीम ने लोगों से अपील की है कि ‘किसी भी सांप को देखकर उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें और तत्काल प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।’
स्थानीय स्तर पर आपदा मित्रों की टीम ने इससे पहले भी कई बार सांपों और अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों में सफल रेस्क्यू अभियान चलाए हैं। उनकी तत्परता से न केवल लोगों को संभावित खतरों से बचाया गया है, बल्कि वन्यजीवों को भी सुरक्षित तरीके से उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने में मदद मिली है। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की आवश्यकता को रेखांकित किया है।







