Darbhanga Child Labor: बिहार के दरभंगा जिले में बाल श्रम के खिलाफ लगातार बड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में श्रम अधीक्षक के निर्देश पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के धावा दल ने दरभंगा सदर प्रखंड में गहन छापेमारी की। इस अभियान के तहत एन.एच-57 पर स्थित महिन्द्रा शिवशक्ति वाहन प्रा.लि के पास एक छोले-भटुरे की दुकान से दो और बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत की गई।
श्रम अधीक्षक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक जिले में विभिन्न जगहों पर कार्यरत कुल 21 बाल श्रमिकों को विभाग द्वारा मुक्त कराया जा चुका है। मुक्त कराए गए इन बच्चों और उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से लगातार प्रयास जारी हैं।
लगातार चल रहा बाल श्रम मुक्ति अभियान
श्रम अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि धावा दल द्वारा बाल एवं किशोर श्रमिकों की मुक्ति के लिए प्रत्येक सप्ताह सघन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बाल श्रम उन्मूलन के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस सक्रियता का उद्देश्य जिले को बाल श्रम मुक्त बनाना है और बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना है।
मुक्त हुए बच्चों का पुनर्वास, भविष्य सुरक्षित
आज की छापेमारी में श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी मोहन कुमार (दरभंगा सदर), विजेता भारती (बहेड़ी), दिलीप कुमार (केवटी), रवि प्रकाश (मनीगाछी) शामिल थे। उनके साथ प्रयास एवं कार्ड्स संस्था के प्रतिनिधि और दो पुलिस कर्मी भी मौजूद थे। यह टीम सुनिश्चित करती है कि मुक्त कराए गए बच्चों को न केवल काम से आजादी मिले, बल्कि उन्हें शिक्षा और सुरक्षित वातावरण भी उपलब्ध हो। प्रशासन का यह कदम यह संदेश देता है कि बाल श्रम को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







