Bihar Cabinet: बुधवार को बिहार के विकास को नई दिशा मिली, जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन फैसलों से राज्य की कनेक्टिविटी, सिंचाई, कृषि भंडारण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आने वाला है। सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं से राज्य के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिले और जीवन स्तर में सुधार हो।
बिहार के लिए बड़ा ऐलान! कैबिनेट ने खोली विकास की राह, इन 13 बड़े फैसलों से बदल जाएगी प्रदेश की किस्मत
Bihar Cabinet Meeting: बुधवार शाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन फैसलों में एक 336 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण और किसानों के लिए निजी नलकूप योजना प्रमुख हैं। कैबिनेट के इन निर्णयों से राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।
बिहार को मिलेगी नई रफ्तार: ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारा
कैबिनेट ने बक्सर से भागलपुर तक बनने वाले 336 किलोमीटर लंबे छह-लेन वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से नए अलाइनमेंट पर विकसित किया जाएगा और भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, मुंगेर और बांका जिलों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना को बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और परियोजना को लागू करने के लिए एक लेनदेन सलाहकार नियुक्त करने को भी मंजूरी मिली है।
सरकार ने इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के आसपास एक आर्थिक गलियारा विकसित करने की भी योजना बनाई है। इसके तहत मार्ग के किनारे बड़े भूखंडों पर वाणिज्यिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह गलियारा बक्सर और भागलपुर के बीच यात्रा को सुगम बनाएगा और दक्षिण व पूर्वी बिहार के बीच यात्रा के समय को कम करेगा।
किसानों को मिलेगा पानी, उद्योगों को बिजली: प्रमुख योजनाएं
किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत 2026-27 के दौरान 11,000 निजी नलकूप लगाने के लिए 305.60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस योजना का लक्ष्य किसानों को उनकी कृषि भूमि पर नलकूप स्थापित करने में मदद करना और खेती के लिए पानी तक पहुंच में सुधार करना है।
लखीसराय में कजरा सौर ऊर्जा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के पट्टे के दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क से छूट को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार पैदा करेगी और उद्योगों की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी।
तकनीक और रोजगार को बढ़ावा: AI और चीनी मिलें
बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए भी कैबिनेट ने कदम उठाए हैं। मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा जिले के रायाम में चीनी मिलों के संचालन को पुनर्जीवित करने के लिए प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियां स्थापित की जाएंगी। ये समितियां बंद पड़ी चीनी मिलों की भूमि पर स्थापित होंगी।
कैबिनेट ने सिंचाई प्रणालियों के जीर्णोद्धार के लिए भी महत्वपूर्ण राशि स्वीकृत की है। कटिहार सिंचाई प्रमंडल के तहत नहरों के जीर्णोद्धार के लिए 35.82 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें कटिहार वितरणी और फुलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर व सेमापुर उप-वितरणी शामिल हैं। नरपतगंज सिंचाई प्रमंडल के तहत जानकीनगर शाखा नहर और उसके नेटवर्क के जीर्णोद्धार के लिए 30.35 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
राज्य भर में 200, 500 और 1,000 टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण के लिए 34.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस योजना का लक्ष्य 2026-27 तक 48,200 टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता बनाना है। 52 चयनित सहकारी समितियों को यह राशि प्रदान की जाएगी, जिसमें से 50% सब्सिडी के रूप में और शेष 50% परिक्रामी पूंजी के रूप में होगी।
दुग्ध उत्पादन और पशुधन उत्पादकता बढ़ाने के लिए डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग के 63.92 करोड़ रुपये के नस्ल सुधार कार्यक्रम को भी मंजूरी मिली है। इसे COMFED के माध्यम से 2026-27 तक लागू किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव के तहत बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए टैयो एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने को भी स्वीकृति मिली है, जिसका उद्देश्य राज्य के तकनीकी और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। साथ ही, उप-क्षेत्रीय रोजगार कार्यालयों का नाम बदलकर जिला रोजगार कार्यालय करने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
बिहार को मिलेगा 336 KM लंबा सिक्स लेन एक्सप्रेसवे: कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव
राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने बक्सर से भागलपुर तक 336 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के सैद्धांतिक प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना अरवल, जहानाबाद, नालंदा और जमुई जैसे कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगी।
यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से नियंत्रित प्रवेश वाला होगा, जिसका मतलब है कि वाहनों को केवल निर्धारित स्थानों से ही प्रवेश और निकास की अनुमति मिलेगी। इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) द्वारा विकसित किया जाएगा। इसके बनने से यात्रा का समय काफी कम होगा और विभिन्न जिलों के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।
किसानों को सिंचाई और भंडारण की सौगात: 11 हजार नलकूप और नए गोदाम
किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक राज्य में 11 हजार नए निजी नलकूप स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के लिए सरकार ने 305.60 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है, जिसका मुख्य उद्देश्य खेतों की सिंचाई के लिए किसानों को पर्याप्त जल सुविधा उपलब्ध कराना है। इन नलकूपों से किसानों को पानी की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा और उनकी उपज में वृद्धि होगी।
इसके अतिरिक्त, कटिहार जिले में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए कई नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन को भी मंजूरी मिली है। सिंचाई प्रमंडल, कटिहार के अंतर्गत कटिहार वितरणी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर और सेमापुर उप-वितरणियों से जुड़ी नहरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इस कार्य के लिए 35.82 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और व्यय स्वीकृति दी गई है। नहरों के बेहतर होने से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए लगातार पानी मिल सकेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से सशक्त होगा बिहार: तकनीक में नई पहल
तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, बिहार कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में AI से संबंधित अवसरों और नई तकनीकों को विकसित करने के लिए टायो (Taiyo) AI इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी गई है। इस पहल से राज्य में AI, तकनीक और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बिहार भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेगा।
सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए भी कैबिनेट ने एक अहम फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन की नई भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों का निर्माण होगा। इसके लिए 52 चयनित समितियों को कुल 34.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा अनुदान के रूप में और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में प्रदान किया जाएगा। देखें पूरी लिस्ट
यह नई भंडारण व्यवस्था किसानों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी। गांव और पंचायत स्तर पर गोदामों की उपलब्धता से उन्हें अपनी उपज कम कीमत पर तुरंत बेचने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। सरकार की यह कोशिश स्थानीय स्तर पर भंडारण सुविधाओं को बढ़ाकर किसानों की उपज को सुरक्षित रखने और सहकारिता समितियों को सशक्त बनाने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुए इन फैसलों से बिहार में सड़क कनेक्टिविटी, सिंचाई सुविधा, कृषि भंडारण और तकनीकी प्रगति को एक नई गति मिलेगी। ये सभी प्रस्ताव राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करने और आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे।








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