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Bhagalpur News: भागलपुर की वो दरगाह जहां हिंदू परिवार चढ़ाता है पहली चादर, 250 साल पुरानी परंपरा की पूरी कहानी… आइए मंगन शाह की दरगाह

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Bhagalpur News: जब आस्था की डोर मज़हबी दीवारों को लांघकर दिलों को जोड़ती है, तो बिहार की धरती पर दाता मंगन शाह की दरगाह जैसी तस्वीरें उभरती हैं, जहां एकता और सद्भाव की चादर पिछले ढाई सौ सालों से भी अधिक समय से बिछाई जा रही है।

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Bhagalpur News: भागलपुर की वो दरगाह जहां हिंदू परिवार चढ़ाता है पहली चादर, 250 साल पुरानी परंपरा की पूरी कहानी

Bhagalpur News: ढाई सदी पुरानी है यह अनूठी परंपरा

बिहार के भागलपुर जिले में नौगछिया अनुमंडल के मिल्की गाँव में स्थित हज़रत सैयदना दाता मंगन शाह की दरगाह सांप्रदायिक सौहार्द की एक जीती-जागती मिसाल है। यहाँ हर साल लगने वाले उर्स मेले की शुरुआत एक बेहद अनूठी और दिल को छू लेने वाली परंपरा से होती है।Bhagalpur News: भागलपुर की वो दरगाह जहां हिंदू परिवार चढ़ाता है पहली चादर, 250 साल पुरानी परंपरा की पूरी कहानी... आइए मंगन शाह की दरगाह5 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि 12 बजकर 5 मिनट पर मेले की पहली चादर किसी मुस्लिम द्वारा नहीं, बल्कि बिहपुर के एक हिंदू कायस्थ परिवार द्वारा पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ चढ़ाई जाती है। यह सिलसिला आज से नहीं, बल्कि पिछले 250 वर्षों से भी ज़्यादा समय से अनवरत जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह परंपरा न केवल दो समुदायों के बीच गहरे सम्मान को दर्शाती है, बल्कि उस साझा विरासत की भी गवाही देती है जो बिहार की पहचान है।Bhagalpur News: भागलपुर की वो दरगाह जहां हिंदू परिवार चढ़ाता है पहली चादर, 250 साल पुरानी परंपरा की पूरी कहानी... आइए मंगन शाह की दरगाहस्थानीय आयोजन समिति के अनुसार, यह उर्स मेला 12 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान न केवल भागलपुर, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ अपनी मन्नतें लेकर पहुँचते हैं। दाता के दर पर हर धर्म और समुदाय के लोगों का सिर आस्था से झुकता है, जो सच्ची सामाजिक समरसता का प्रतीक है।

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आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का संगम

हज़रत मंगन शाह की पुण्यतिथि पर आयोजित होने वाला यह उर्स मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक बड़ा सांस्कृतिक उत्सव भी है। यह आत्मा के परमात्मा से मिलन का सूफी पर्व है, जहाँ लोग दरगाह पर दुआओं, मन्नतों और चादरपोशी के ज़रिए अपनी आस्था प्रकट करते हैं। मान्यता है कि यहाँ आने वालों को असीम मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। मेले के दौरान आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, यहाँ का माहौल पूरी तरह भक्ति और उल्लास में डूबा रहता है।Bhagalpur News: भागलपुर की वो दरगाह जहां हिंदू परिवार चढ़ाता है पहली चादर, 250 साल पुरानी परंपरा की पूरी कहानी... आइए मंगन शाह की दरगाहयह आयोजन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा संबल है। मेले के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, स्वादिष्ट व्यंजनों, खिलौनों और अन्य ज़रूरी सामानों की दुकानें सजती हैं, जिससे स्थानीय कारीगरों और निवासियों को आजीविका के नए अवसर मिलते हैं। यह मेला भाईचारे और सहिष्णुता का एक सशक्त संदेश देता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आज के दौर में, जब समाज को बांटने वाली ताकतें सक्रिय हैं, तब दाता मंगन शाह का यह उर्स आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता की रौशनी फैलाता है।

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