FMCG Sector: भारत का फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर, जो कुछ समय से चुनौतियों का सामना कर रहा था, अब मजबूत रिकवरी मोड में आ गया है। हालिया रिपोर्टों से पता चलता है कि यह क्षेत्र विकास के नए आयाम छू रहा है, जिससे निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच उत्साह है।
भारत का एफएमसीजी सेक्टर: ग्रामीण बाजारों से शहरी मांग तक, दिख रही है शानदार वापसी
एफएमसीजी सेक्टर की शानदार वापसी: क्या कहते हैं आंकड़े?
सेंट्रम ब्रोकिंग के कंज्यूमर स्टेपल्स कवरेज यूनिवर्स के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि तीसरी तिमाही में यह बढ़कर 7.5 प्रतिशत सालाना आधार पर पहुंच गई। यह प्रभावशाली उछाल मुख्य रूप से बिक्री के हिसाब से वॉल्यूम में हुई तेज बढ़ोतरी का परिणाम है, जिसमें आईटीसी के आंकड़े शामिल नहीं हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि लंबे समय बाद एफएमसीजी सेक्टर में रौनक लौट रही है, जो अब विकास और मार्जिन की चुनौतियों से उबर रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रिपोर्ट बताती है कि महंगाई में कमी, अच्छी मानसून की उम्मीद से बेहतर फसल की संभावना, और जीएसटी व आयकर कटौती जैसे सरकारी कदमों से मांग में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं, जिससे देश का एफएमसीजी सेक्टर धीरे-धीरे पटरी पर आ रहा है। यह वॉल्यूम ग्रोथ ही है जो इस सेक्टर को नई गति दे रही है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

GST के कारण तीसरी तिमाही में अस्थायी चुनौतियां
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जीएसटी 2.0 के लागू होने से सप्लाई चेन में थोड़ी रुकावट आई थी। कई डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स को नए सामानों के रेट्स का इंतजार था, जिससे उन्होंने स्टॉक कम कर दिए। इसका कंपनियों की बिक्री पर 1-4.5 प्रतिशत का असर पड़ा। हालांकि, इस दौरान कंपनियों में एग्जिट ग्रोथ अच्छी रही, जिससे चौथी तिमाही का आउटलुक और भी बेहतर हुआ है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह सेक्टर मोमेंटम में बदलाव से लाभ उठा रहा है। तीसरी तिमाही में रीस्टॉकिंग का कुछ फायदा मिला और साथ ही ग्रामेज बढ़ने की वजह से वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सेंट्रम का मानना है कि कवरेज कंपनियों को टॉप लाइन और वॉल्यूम के मामले में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
फूड और होम केयर सेगमेंट्स में मजबूत रिकवरी
उद्योग के जानकारों का कहना है कि ग्रामीण मार्केट अब शहरी मार्केट से आगे बढ़ रहे हैं और क्विक कॉमर्स ग्रोथ में सबसे आगे बना हुआ है। खासकर नेस्ले और ब्रिटानिया के प्रदर्शन का हवाला देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि फूड कैटेगरी में वॉल्यूम मोमेंटम में साफ बढ़ोतरी देखी गई है। होम एंड पर्सनल केयर (एचपीसी) सेगमेंट में, हेयर ऑयल कैटेगरी में भी अच्छी रिकवरी देखी गई है। यह सकारात्मक ट्रेंड वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही तक जारी रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि चौथी तिमाही में गर्मियों की लोडिंग और खपत में बढ़ोतरी का फायदा देखने को मिलेगा, जिसे स्थिर कच्चे माल की कीमतों का समर्थन मिला है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बांग्लादेश जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में छोटी-मोटी दिक्कतों के बावजूद, उद्योग के ठहराव के दौर से वॉल्यूम-लेड ग्रोथ की ओर बढ़ने के साथ कुल मिलाकर सेंटीमेंट सकारात्मक बना हुआ है।






