Bhagalpur Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। भागलपुर में अवैध शराब बरामदगी के एक मामले में वाहन मालिक अमीन मुर्मू को दोषी करार दिया गया है। विशेष उत्पाद न्यायाधीश-2 की अदालत ने बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) के तहत यह फैसला सुनाया है, जिससे अवैध शराब व्यापार में संलिप्त लोगों को कड़ा संदेश मिला है।
38 लीटर महुआ शराब की बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
यह मामला कहलगांव थाना कांड संख्या 64/2025 और विशेष उत्पाद वाद संख्या 710/2025 से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड्स के अनुसार, 25 फरवरी 2025 को शोभनाथपुर पुल संख्या-05 के पास ग्रामीणों ने एक लाल-काली हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पकड़ी थी। इस मोटरसाइकिल से लगभग 38 लीटर देशी महुआ शराब बरामद हुई थी। जांच के बाद, वाहन के पंजीकृत मालिक अमीन मुर्मू के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई थी।
न्यायालय का फैसला और अगली सुनवाई की तारीख
विशेष उत्पाद न्यायाधीश-2 शिव कुमार शर्मा की अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने के बाद अमीन मुर्मू को दोषी ठहराया है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक भोला कुमार मंडल ने मामले में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखा। अब इस मामले में सजा के बिंदु पर अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। यह फैसला बिहार में शराबबंदी के प्रति सरकार और न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस फैसले से यह स्पष्ट है कि अवैध शराब के कारोबार में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के मालिकों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शराबबंदी को सफल बनाने और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होगा।







