Bihar Advocate Protection Act: भागलपुर में अधिवक्ताओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। व्यवहार न्यायालय के इन वकीलों ने एकजुट होकर बिहार और केंद्र सरकार से ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ को तत्काल लागू करने की मांग की। न्यायिक प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, वकीलों ने इस कानून को समय की आवश्यकता बताया है।
अपनी मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने व्यवहार न्यायालय के सामने हाथों में बैनर लिए प्रदर्शन किया। उनकी मुख्य मांग न्यायहित में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इसके लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना था। इस दौरान उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
न्यायिक प्रक्रिया में वकीलों की अहमियत
अधिवक्ताओं का स्पष्ट मत है कि न्यायिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिना किसी डर, धमकी या दबाव के वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें, इसके लिए पर्याप्त कानूनी सुरक्षा आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि यदि अधिवक्ता सुरक्षित नहीं होंगे, तो न्याय की प्रक्रिया भी बाधित होगी।
सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वकीलों ने भाग लिया, जिन्होंने सरकार से इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और जल्द से जल्द ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू करने की अपील की। उनकी यह मांग केवल व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली की अखंडता और सुदृढ़ता के लिए भी आवश्यक है। फिलहाल, अधिवक्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है और अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस महत्वपूर्ण कानून को कब तक अमलीजामा पहनाती है।







