

राजधानी पटना के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। जन्म के महज 16 घंटे बाद एक नवजात शिशु को एक अनजान महिला चोरी कर फरार हो गई। इस घटना ने एक बार फिर बच्चा चोरी गिरोह के सक्रिय होने की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
परिजनों की सतर्कता और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला को करीब आधे घंटे के भीतर ही धर दबोचा। यह घटना जितनी तेजी से हुई, उतनी ही तेजी से इसका पटाक्षेप भी हो गया, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, इस वाकये ने अस्पताल प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता के मन में कई गहरे सवाल छोड़ दिए हैं।
बिहार न्यूज़: पीएमसीएच की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
जिस तरह एक अनजान महिला वार्ड में घुसकर इतनी आसानी से नवजात को उठा ले गई, वह पीएमसीएच की लचर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। सवाल उठता है कि जहां हर समय मरीजों और उनके परिजनों का तांता लगा रहता है, वहां कोई अज्ञात व्यक्ति इतनी आसानी से कैसे प्रवेश कर सकता है और इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है।
यह सिर्फ एक चोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि अस्पतालों में बच्चों की सुरक्षा कितनी जोखिम भरी है। इस घटना ने राज्य में बच्चा चोरी गिरोह के संभावित सक्रियता की ओर भी इशारा किया है। ऐसे में अस्पतालों को अपनी निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की सख्त आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
प्रशासनिक निगरानी और भविष्य की चुनौतियां
पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, जिसने न सिर्फ बच्चे को सुरक्षित वापस दिलाया, बल्कि अपराधी को भी पकड़ा। लेकिन यह घटना एक चेतावनी है कि हमें बच्चा चोरों के खिलाफ और अधिक सतर्क रहना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासनिक स्तर पर अस्पतालों की सुरक्षा नीतियों की समीक्षा और कड़े कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
इस मामले में पकड़ी गई महिला से पूछताछ जारी है ताकि यह पता चल सके कि क्या वह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है या यह उसका व्यक्तिगत कृत्य था। इस घटना के बाद, पीएमसीएच सहित अन्य अस्पतालों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने की मांग तेज हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

