

Aaj Ka Panchang: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और गुरुवार का पवित्र संयोग। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, पंचांग प्रत्येक दिन की ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ-अशुभ समय का सटीक विवरण प्रदान करता है। यह आध्यात्मिक यात्रा में मार्गदर्शन का प्रकाश स्तंभ है। आज का पंचांग आपको दिनभर की महत्वपूर्ण ज्योतिषीय गणनाओं से अवगत कराएगा, जिससे आप अपने कार्यों को शुभता के साथ संपन्न कर सकें।
आज का पंचांग: 26 फरवरी 2026, गुरुवार का विस्तृत पंचांग और शुभ-अशुभ समय
26 फरवरी 2026 Aaj Ka Panchang: जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल
हर दिन का अपना एक विशेष महत्व होता है, और भारतीय संस्कृति में पंचांग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल शुभ-अशुभ समय की जानकारी देता है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सही दिशा भी प्रदान करता है। 26 फरवरी 2026, गुरुवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि उपरांत एकादशी तिथि का पवित्र संयोग बन रहा है। इस दिन ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का प्रभाव आपके दैनिक जीवन पर कैसे पड़ेगा, इसकी विस्तृत जानकारी यहां प्रस्तुत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह दिवस भगवान विष्णु को समर्पित गुरुवार होने के कारण अत्यंत मंगलकारी है। इस विशेष तिथि पर दान-धर्म और पूजन का विशेष फल प्राप्त होता है।
पंचांग 26 फरवरी 2026
- दिनांक: 26 फरवरी 2026, गुरुवार
- मास: फाल्गुन
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- तिथि: दशमी (सुबह 11:30 बजे तक), उपरांत एकादशी
- नक्षत्र: रोहिणी (सुबह 09:45 बजे तक), उपरांत मृगशिरा
- योग: सौभाग्य (शाम 05:00 बजे तक), उपरांत शोभन
- करण: गर (सुबह 11:30 बजे तक), उपरांत वणिज (रात 10:45 बजे तक), उपरांत विष्टि
शुभ-अशुभ मुहूर्त
निम्नलिखित सारणी में 26 फरवरी 2026 के लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त दिए गए हैं:
| विवरण | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 06:40 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 06:10 बजे |
| चंद्रोदय | दोपहर 01:50 बजे |
| चंद्रास्त | देर रात 03:50 बजे (27 फरवरी) |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:12 बजे से 12:57 बजे तक |
| अमृत काल | सुबह 07:15 बजे से 08:45 बजे तक |
| राहुकाल | दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक |
| यमगंड | सुबह 06:40 बजे से 08:10 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 09:40 बजे से 11:10 बजे तक |
| दिशा शूल | दक्षिण (गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा से बचें या दही खाकर निकलें) |
आज की एकादशी का महत्व
आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का संयोग बन रहा है, जिसे विजया एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह एकादशी शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता दिलाने वाली मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।
उपाय:
आज गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की आराधना करें। पीले वस्त्र धारण करें और उन्हें पीले फूल, चंदन और नैवेद्य अर्पित करें। केले के वृक्ष की पूजा करें और दीपक जलाएं। यह आपके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति लाएगा। दैनिक राशिफल और ज्योतिषीय गणनाओं के लिए यहां क्लिक करें
यह पवित्र पंचांग आपको दिनभर की गतिविधियों को नियोजित करने में सहायता करेगा। आशा है कि यह जानकारी आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और आपका दिन मंगलमय होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

