

Mithila Lok Utsav: कला और संस्कृति की सरिता में गोते लगाने को तैयार हो जाइए, क्योंकि मिथिला की धरती एक बार फिर अपने लोक रंगों से सराबोर होने जा रही है। जिला प्रशासन दरभंगा और बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय “मिथिला लोक उत्सव 2025-26” का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह महोत्सव 28 फरवरी और 01 मार्च 2026 को दरभंगा के प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) और नेहरू स्टेडियम, लहेरियासराय में आयोजित किया जाएगा।
इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य मिथिला की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, लोककला, संगीत, नाट्य और पारंपरिक विधाओं को संरक्षित करना और उन्हें एक नया मंच प्रदान करना है। इस दो दिवसीय आयोजन में कई शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।
Mithila Lok Utsav का दो दिवसीय भव्य आयोजन
महोत्सव की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को दोपहर 2:00 बजे से प्रेक्षागृह में एक भव्य कवि सम्मेलन के साथ होगी। इस सम्मेलन में हिंदी, मैथिली, उर्दू और वज्जिका के नामचीन कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। इसके बाद शाम 5:00 बजे से नेहरू स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रमों का दौर शुरू होगा जो रात 10:00 बजे तक चलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पहले दिन के मुख्य आकर्षणों में शामिल कलाकारों की सूची इस प्रकार है:
- कवि सम्मेलन (दोपहर 2:00 – 4:00 बजे): शंकर कैमुरी (हिंदी), डॉ. अमरकांत कुवर (हिंदी), मंजर सुलेमान (मैथिली), फूल चंद्र झा परवीन (मैथिली), मुस्ताक इकबाल (उर्दू), और श्रीमती इंदिरा भारती (वज्जिका) समेत कई अन्य कवि।
- सांस्कृतिक संध्या (शाम 5:00 – रात 10:00 बजे): मोहित खंडेलवाल और सुश्री राजनंदनी द्वारा लोकनृत्य, श्रीमती पूनम मिश्रा द्वारा लोकगायन, किलकारी संस्था द्वारा ‘गोनू झा’ पर आधारित मैथिली बाल नाटक, सुश्री सौम्या मिश्रा द्वारा गायन और सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री सुनील पाल द्वारा विशेष हास्य प्रस्तुति।
दूसरे दिन भी जारी रहेगा सांस्कृतिक महाकुंभ
महोत्सव के दूसरे दिन, यानी 01 मार्च 2026 को भी कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक नेहरू स्टेडियम में लोकगाथा और लोकगायन की प्रस्तुति होगी, जिसमें कलाकार रुदल पंजियार ‘कारू खिरहर’ लोकगाथा सुनाएंगे। इसी दिन नेहरू स्टेडियम में रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।
दोपहर 4:00 बजे से प्रेक्षागृह में “मिथिला लोक सम्मान” समारोह आयोजित होगा। इस समारोह में विभिन्न कला विधाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में संतोष मल्लिक (ध्रुपद गायन), श्रीमती पुतुल चौधरी (मिथिला पेंटिंग), श्री बालेश्वर राम चौधरी (शहनाई वादन), श्री विनोद पंडित (टेराकोटा आर्ट) और मगन चौधरी (खेलकूद) शामिल हैं। यह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6:00 बजे से नेहरू स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें सुश्री हर्षप्रीत कौर, श्रीमती मोनी झा और श्रीमती दीपाली सहाय जैसे कलाकार अपनी गायकी का जादू बिखेरेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती रूपम कुमारी, श्री कमलाकांत झा एवं श्री राम बुझावन यादव ‘रमाकर’ करेंगे। जिला प्रशासन ने दरभंगा की आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस महोत्सव में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करें और मिथिला की समृद्ध संस्कृति के इस उत्सव को सफल बनाएं।




