back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 28, 2026
spot_img

Madhubani News: Balirajgarh excavation: मिथिला के 2000 साल पुराने इतिहास का खुलेगा राज, ASI ने दी खुदाई को हरी झंडी, पढ़िए…मधुबनी के ऐतिहासिक स्थल बलिराजगढ़ में वैज्ञानिक उत्खनन

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Balirajgarh excavation: धरती के गर्भ में सदियों से दफन अनकहे किस्सों का पिटारा अब खुलने को है, जब मधुबनी के ऐतिहासिक स्थल बलिराजगढ़ में वैज्ञानिक उत्खनन को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हरी झंडी दे दी है। इस महत्वपूर्ण कदम से मिथिला की प्राचीन सभ्यता के अनछुए पहलू सामने आने की उम्मीद जगी है और इस धरोहर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने की राह भी प्रशस्त होगी।

- Advertisement -

Balirajgarh excavation: क्या है बलिराजगढ़ का ऐतिहासिक महत्व?

मधुबनी जिले में स्थित बलिराजगढ़ का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। यह स्थल सदियों से मिथिला की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का केंद्र बिंदु रहा है। इतिहासकारों और पुरातत्वविदों का मानना है कि यहां गुप्तकाल से पहले की सभ्यता के अवशेष मौजूद हैं। स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, यह स्थल राजा बलि की राजधानी रहा है, जिसके नाम पर इसका नामकरण हुआ। अतीत में हुए छोटे पैमाने के सर्वेक्षणों ने यहां से मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, ईंटों की संरचनाएं और अन्य पुरातात्विक साक्ष्य उजागर किए हैं, जो इसके समृद्ध इतिहास की ओर इशारा करते हैं। यह पुरातत्व खोज न केवल इतिहासकारों के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी अपनी विरासत से जुड़ने का अवसर देगी।

- Advertisement -

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की मंजूरी के बाद अब इस स्थल पर बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक उत्खनन का कार्य शुरू होगा। इस प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा ताकि बिना किसी नुकसान के प्राचीन अवशेषों को खोजा और संरक्षित किया जा सके। विशेषज्ञों की एक टीम इस परियोजना की देखरेख करेगी, जो एक-एक परत को सावधानी से हटाकर इतिहास के पन्नों को पलटने का काम करेगी। यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Madubani News: ईंट भट्ठा मालिकों की टैक्स टेंशन खत्म! वाणिज्य कर विभाग की बैठक में निकला समाधान, जानें क्या हुए बड़े फैसले

उत्खनन से प्राप्त होने वाले साक्ष्य मिथिला के सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन पर नई रोशनी डालेंगे। इससे उस समय की वास्तुकला, कला और जीवनशैली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। यह उम्मीद की जा रही है कि यहां से ऐसी वस्तुएं मिल सकती हैं जो मिथिला के 2000 वर्ष से भी अधिक पुराने इतिहास को प्रमाणित करेंगी और उसे विश्व पटल पर स्थापित करने में सहायक होंगी।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा नया आयाम

बलिराजगढ़ में होने वाली यह खुदाई सिर्फ इतिहास को जानने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके व्यापक प्रभाव भी होंगे। एक बार जब यहां से प्राप्त होने वाले साक्ष्य सार्वजनिक होंगे और स्थल को विधिवत रूप से संरक्षित किया जाएगा, तो यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिहार और विशेष रूप से मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। यह अभियान, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, स्थानीय संस्कृति और गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

पर्यटन के बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय कारीगरों व व्यवसायों को लाभ मिलेगा। सरकार और स्थानीय प्रशासन को मिलकर इस स्थल के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए योजनाएं बनानी होंगी, ताकि बलिराजगढ़ को वास्तव में ग्लोबल मैप पर लाया जा सके। यह परियोजना मिथिला की अमूल्य विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मधुबनी के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, जो उसके अतीत को भविष्य से जोड़ने का काम करेगा।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Airtel का नया धमाकेदार प्रीपेड पैक: अब मिलेगा डेटा और एंटरटेनमेंट का डबल डोज

Prepaid Pack: एयरटेल ने अपने ग्राहकों के लिए एक नया और शानदार प्रीपेड पैक...

Free Fire MAX Redeem Codes: 28 फरवरी 2026 के ताजा कोड्स से पाएं शानदार रिवार्ड्स और अनमोल स्किन्स

Free Fire MAX Redeem CodesFree Fire MAX Redeem Codes: गेमर्स अपनी गेमिंग यात्रा को...

Madhubani News: बेखौफ हुए अपराधी! बैंक कैशियर से सरेआम 30 हजार और बाइक लूटे, Madhubani और Darbhanga सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस

Madhubani News: बिहार में सुशासन का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है, जहां अपराधी...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें