

Chandra Grahan: आसमान में एक बार फिर लगने जा रहा है खगोलीय घटना का ग्रहण, जब चंद्रमा पर पड़ेगी पृथ्वी की छाया। होली के त्योहार से ठीक पहले लगने वाले इस ग्रहण को लेकर ज्योतिषीय गणनाओं का दौर शुरू हो गया है। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान के प्रसिद्ध ज्योतिष और पंडित राज नारायण झा ने इस आगामी ग्रहण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
इस Chandra Grahan का सही समय क्या है?
पंडित राज नारायण झा के अनुसार, यह खगोलीय घटना साल 2026 में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होगी। तारीख के हिसाब से यह 3 मार्च 2026, दिन मंगलवार को पड़ेगा। मिथिला पंचांग के अनुसार, इस ग्रहण का स्पर्श संध्या 05:50 में होगा और इसका मोक्ष संध्या 06:46 के बाद होगा। यह एक ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण है, जो पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के तहत सिंह राशि में लग रहा है।
ज्योतिषीय दृष्टि से इस ग्रहण का विशेष महत्व माना जा रहा है। क्योंकि यह होली से ठीक पहले लग रहा है, इसलिए लोगों में इसके प्रभाव को लेकर काफी जिज्ञासा है। इस तरह के lunar eclipse के दौरान कुछ विशेष सावधानियां बरतने की सलाह भी दी जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ग्रहण काल में क्या करना होता है शुभ?
शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल के दौरान कुछ कार्यों को विशेष फलदायी माना गया है। पंडित झा बताते हैं कि ग्रहण के समय स्नान, जप, दान और भगवान के नाम का संकीर्तन करने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है और ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से रक्षा होती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस दौरान लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य के कार्य करते हैं। मंत्रों का जाप करना भी इस अवधि में अत्यंत शुभ माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जानें सभी 12 राशियों पर ग्रहण का असर
इस चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा। पंडित राज नारायण झा के अनुसार, विभिन्न राशियों पर इसका प्रभाव इस प्रकार होगा:
- मेष: चिंता का सामना करना पड़ सकता है।
- वृष: व्यथा या पीड़ा की स्थिति बन सकती है।
- मिथुन: धन लाभ के योग बनेंगे।
- कर्क: किसी प्रकार की क्षति या नुकसान की आशंका है।
- सिंह: घात या किसी अप्रिय घटना का भय रहेगा।
- कन्या: हानि होने की संभावना है।
- तुला: लाभ की प्राप्ति होगी।
- वृश्चिक: सुख और समृद्धि में वृद्धि होगी।
- धनु: अयश या मान-सम्मान में कमी आ सकती है।
- मकर: किसी प्रकार के कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।
- कुंभ: स्त्रीपीड़ा की आशंका है।
- मीन: सुख की प्राप्ति होगी।
यह महत्वपूर्ण है कि लोग अपनी राशि के अनुसार उपाय करें और ग्रहण काल के दौरान ईश्वर का ध्यान करें ताकि किसी भी नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


