spot_img

Darbhanga News: Bihar Advocate Welfare Fund में बड़ा बदलाव, वकीलों की हुई बल्ले-बल्ले, अब कल्याण निधि होगी दोगुनी!

spot_img
- Advertisement -

Bihar Advocate Welfare Fund, दरभंगा: वकीलों के कल्याण के लिए दशकों से चल रही मांग को आखिरकार पंख लग गए हैं। बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि संशोधन विधेयक के तहत किए गए संशोधन को 26 फरवरी को बिहार गजट में अधिसूचित कर दिया गया है, जिससे पूरे विधिज्ञ समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस महत्वपूर्ण बदलाव से वकीलों की सामाजिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

- Advertisement -

इस नए नियम के लागू होने के बाद अब वकालतनामा और शपथ-पत्र में लगने वाले वेलफेयर स्टाम्प की दर को दोगुना कर दिया गया है। अधिवक्ताओं ने इस खबर का स्वागत करते हुए दरभंगा बार एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र को एक स्मार-पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने आग्रह किया है कि 26 फरवरी को राजपत्र में प्रकाशित बिहार अधिनियम-16, 1983 की धारा 22 में हुए संशोधन को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

Bihar Advocate Welfare Fund: जानिए क्या है नया संशोधन

गजट में अधिसूचित किए गए नए नियम के अनुसार, अब वकीलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वेलफेयर स्टाम्प की कीमत 25 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दी गई है। इस वृद्धि से जमा होने वाली निधि का उपयोग सीधे तौर पर वकीलों के कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने महासचिव से यह भी आग्रह किया है कि इस बदलाव की सूचना बार एसोसिएशन के सभी सदस्यों और जिले के सभी नोटरी पब्लिक तक पहुंचाई जाए, ताकि इसका अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: दरभंगा में Gas Cylinder Black Marketing पर फूटा लोगों का गुस्सा, हाईवे जाम

अधिवक्ताओं ने महासचिव को सौंपा स्मार-पत्र

बार एसोसिएशन के महासचिव को सौंपे गए स्मार-पत्र पर अधिवक्ता बिरेन्द्र कुमार सिंह, अरुण कुमार चौधरी, रामवृक्ष सहनी, बुलन कुमार झा, संतोष कुमार सिंहा, अजय कुमार, सरोज कुमार, कुमार उत्तम, हिरा नन्द मिश्र, मनोज कुमार, और अभय कुमार यादव समेत कई प्रमुख अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर हैं। यह एकजुटता दर्शाती है कि यह मांग काफी समय से लंबित थी और इसके पूरा होने से सभी में संतोष का भाव है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह वकीलों के लिए एक बड़ी जीत है।

क्या है इस कानून का ऐतिहासिक महत्व?

वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बताया कि 1983 से पहले राज्य में वकीलों के कल्याण के लिए कोई संगठित योजना नहीं थी। अधिवक्ता जितेंद्र नारायण झा और बिरेन्द्र कुमार सिंह के अनुसार, उस दौरान बिहार के वकीलों ने अपनी मांगों को लेकर ‘जेल भरो आंदोलन’ जैसा बड़ा प्रदर्शन किया था। इसी आंदोलन के दबाव में तत्कालीन राज्य सरकार ने बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम 1983 को पारित किया था। इस कानून में समय-समय पर वकीलों की जरूरतों के अनुसार संशोधन किए जाते रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह हालिया संशोधन उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो वकीलों को आर्थिक रूप से और सशक्त बनाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Samastipur News: सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल ट्रेन, बिहार से दक्षिण भारत जाना हुआ आसान, जानिए टाइमिंग और स्टॉपेज

सहरसा-यशवंतपुर स्पेशल ट्रेन: गर्मी की छुट्टियों में दक्षिण भारत जाने का प्लान बना रहे...

Darbhanga News: दरभंगा में भीषण बाइक दुर्घटना, 6 लोग गंभीर, DMCH रेफर

बाइक दुर्घटना: दरभंगा में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके...

Weather Alert: दिल्ली में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अनुमान, रहें सावधान!

Weather Alert: राजधानी दिल्ली में मौसम ने करवट ली है और अगले 24 घंटों...

Bihar News: पशुपति पारस का स्वास्थ्य: बिगड़ी तबीयत, चिराग मिलने पहुंचे अस्पताल; क्या है चाचा-भतीजा के रिश्तों का नया मोड़?

पशुपति पारस का स्वास्थ्य: बिहार की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है।...